उत्तराखंड। उत्तराखंड कैडर की 2015 बैच की आईपीएस अधिकारी रचिता जुयाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफे का कारण व्यक्तिगत बताया है. हालांकि, उनके इस्तीफे पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है। राज्य सरकार को भेजे आवेदन की एक प्रति पुलिस महानिदेशक कार्यालय को भी भेजी गई है।
आईपीएस रचिता जुयाल ने अपने 10 साल के सेवाकाल में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाई। वे अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों की एसपी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्हें राज्यपाल की एडीसी (एडिशनल डेप्युटी कमांडेंट) के रूप में भी नियुक्त किया गया था। वर्ष 2020 में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उन्हें यह पदभार सौंपा था। एसपी विजिलेंस के तौर पर उनकी कार्यशैली काफी सराहनीय रही। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, यहां तक कि एक पुलिस दारोगा को ट्रैप कर जेल भेजा। उनकी सख्त छवि और ईमानदार कार्यप्रणाली के चलते वे लोगों के बीच चर्चा में रहीं।
आईपीएस रचिता जुयाल की लव स्टोरी भी काफी चर्चा में रही है। उन्होंने फिल्म डायरेक्टर यशस्वी जुयाल से विवाह किया, जो मशहूर डांसर राघव जुयाल के भाई हैं। दोनों की मुलाकात कोविड की दूसरी लहर के दौरान हुई। यशस्वी उस समय समाज सेवा में सक्रिय थे, और रचिता भी एक एनजीओ के साथ मिलकर जरूरतमंदों की मदद कर रही थीं। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता शादी में बदल गया।
पिता से मिली प्रेरणा, यूपीएससी में हासिल की 215वीं रैंक
रचिता जुयाल के पिता भी पुलिस सेवा में रहे हैं। बचपन से पुलिस की वर्दी को देखकर ही रचिता के मन में पुलिस सेवा का बीज अंकुरित हुआ। उन्होंने वर्ष 2015 की यूपीएससी परीक्षा में 215वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया।
इस्तीफा चौंकाने वाला, अब केंद्र के निर्णय का इंतजार
सिर्फ 10 वर्षों की सेवा के बाद रचिता जुयाल के इस्तीफे ने पुलिस महकमे और आमजन को हैरान कर दिया है। अब उनके इस्तीफे पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है, क्योंकि अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों का अंतिम अनुमोदन दिल्ली से ही होता है।







