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मध्यप्रदेश

नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश : 15 लाख 41 हजार रूपए के नकली नोटों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

देवास। बीएनपी थाना पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। 15 लाख 41 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ 5 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से नकली नोट बनाने वाले प्रिंटर सहित हाईटेक उपकरण बरामद किए हैं। वहीं आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार  बीएनपी थाना पुलिस को एक जून को मुखबिर से नकली नोट बनाने के विषय में सूचना मिली थी। इसके बाद बीएनपी थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी, जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में उपपुलिस अधीक्षक संजय शर्मा के निर्देशन में बीएनपी थाना प्रभारी अमित सोलंकी के नेतृव्य में दो टीमों का गठन किया।

टीम ने सचिन और शुभम को गिरफ्तार कर उनके पास से 1 लाख 96 हजार 200 रुपये के नकली नोट और बाइक जब्त कर आरोपियों के विरुद्ध धारा 178, 179, 180, 61 (2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण को विवेचना में लिया। आरोपियों से पूछताछ करने पर पता चला कि राजकुमार मालवीय निवासी सोनकच्छ अपने निवास पर नकली नोटों का निर्माण कर रहा है पुलिस ने सोनकच्छ में दबिश देकर आरोपी राजकुमार और सुनील पाटील को गिरफ्तार कर उनके पास से 500 रुपये के नकली नोटों की गड्डियां कुल 13 लाख 25 हजार रुपये जब्त कर नोट निर्माण में प्रयुक्त उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की, अनुसंधान में आरोपी शक्ति सिंह चावड़ा को भी गिरफ्तार किया। तीन माह से नकली नोट बनाने का काम किया जा रहा था।

15 लाख 41 हजार रुपये के नकली नोट बरामद- प्रकरण में पुलिस अधीक्षक पुनीत ने बताया कि पुलिस पिछले 15 दिनों से मुखबिर की सूचना पर काम कर रही थी, जिसमें हमें सूचनाएं मिल रही थीं कि 4 से 5 लोगों की गैंग है, जो फर्जी तरीके से 500 रुपये के नकली नोट बना रहे हैं। सचिन नागर निवासी सोनकच्छ और शुभम वर्मा निवासी आगरोद को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से नकली नोट करीब 2 लाख रुपये की जब्त की है ।

सचिन और शुभम से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपनी पूरी गैंग के नाम पुलिस को बताए। खासतौर सुनील पाटील जो बुराहनपुर का निवासी है। उसका नाम सामने आया जो मुख्य आरोपी है। नकली नोट का काम यही देखता था सुनील पाटील के साथ उसका सहयोगी राजकुमार मालवीय जो सोनकच्छ का रहने वाला है। इसके साथ ही सचिन और शुभम ने एक वितरक शक्ति सिंह चावड़ा का नाम बताया जो आगरोद का रहने वाला है।

एडिशनल उसपी जयवीर सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में 10 से 12 स्थानों पर दबिश दी गई, जिसमें पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 15 लाख 41 हजार रुपये के नकली नोट पुलिस ने बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी और सहयोगी गत तीन माह से नकली नोट बनाने का कार्य कर रहे थे।

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