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कोरबा

कोरबा अचानकमार टाइगर रिजर्व में मिला बाइसन का शव – जताई जा रही शिकार की आशंका

* बिजली तार का फंदा लगाकर शिकारियों द्वारा मारन की जताई जा रही आशंका
* जंगली सुअर मारने के लिए लगाया था करंट, फंस गया बाइसन
कोरबा. जिले की कटघोरा तहसील के सीमावर्ती अंचल से सटे अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र कोरबा का सर्वाधिक प्रिय दर्शनीय स्थल माना जाता हैं इस क्षेत्र के जंगल में बाइसन का शिकार करने का मामला सामने आया है। जंगल में बाइसन की लाश मिलने से अफसर भी सकते में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ शिकारियों ने जंगल में सुअर मारने के लिए करंट का फंदा हमेशा की तरह इस बार भी लगाया था। जिसमें बाइसन के फंसने की संभावना बलवती हो उठी हैं और आशंका भी जताई जा रही है। अब वन विभाग का दल अज्ञात लापता शिकारियों की तलाश कर रही है।
बताया जा रहा हैं आमतौर पर होली पर्व में वन्य प्राणियों के शिकार होने की आशंका रहती है। लिहाजा, वन विभाग के अफसरों ने किसी भी अधिकारी और कर्मचारियों को होली पर्व पर मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश दिया था। इस दौरान उन्हें होली के दिन जंगल में सघन सर्चिंग करने के भी निर्देश दिए गए थे। विभाग की इस सख्ती के बाद भी अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया के लोरमी क्षेत्र के परसवारा के जंगल में बीट क्रमांक 1535 में शिकारियों के लगाए गए फंदे में बाइसन फंस गया और करंट लगने से उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। जंगल में बाइसन का शव मिलने के बाद विभाग के अधिकारियोंव टीम ने जांच शुरू कर दी है।
* जंगली सुअर मारने बिजली तार से लगाया था करंट का फंदा
इस घटना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने आसपास सर्चिंग की, तब पता चला कि बिजली खंभे से तार खींचा गया था और करंट का फंदा लगाया था। माना जा रहा है कि शिकारियों ने जंगली सुअर मारने के लिए यह फंदा लगाया था। लेकिन, उसमें गलती से बाइसन फंस गया और करंट लगने से उसकी मौत हो गई। फिलहाल, टीम शिकारियों की तलाश कर रही है। हालांकि मिली जानकारी के अनुसार अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
एआर के डाग की भी ली मदद
वन विभाग की इस सख्ती के बाद भी जिस तरह से लापरवाही बरती गई है। इससे वन विभाग के मैदानी अमले की निष्क्रियता सामने आई है। मामला सामने आने के बाद अब शिकारियों की तलाश के लिए एटीआर के सर्च डॉग की मदद ली जा रही है। इसके बाद भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। होली पर्व के दौरान विशेष निगरानी के निर्देश के बाद भी इस तरह की घटना होना और शिकारियों के आने की भनक तक नहीं लगना। टीम की लापरवाही को उजागर कर रहा है।

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