कानपुर। मेरी बेटी सो रही है उसे मत जगाओ, मेरे लाल को मुझसे दूर मत ले जाओ। कलेजे के टुकड़े और आंखों के तारों की जब अर्थियां उठी तो पूरा चंद्र नगर मुहल्ला रो पड़ा। पनकी...
कानपुर। मेरी बेटी सो रही है उसे मत जगाओ, मेरे लाल को मुझसे दूर मत ले जाओ। कलेजे के टुकड़े और आंखों के तारों की जब अर्थियां उठी तो पूरा चंद्र नगर मुहल्ला रो पड़ा। पनकी...