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राजस्थान

नकली दूध का भंडाफोड़ : स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 700 लीटर मिलावटी व मिश्रित दूध नष्ट करवाया

बानसूर। मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बानसूर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंथेटिक और मिलावटी दूध बनाने के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। ग्राम बाबरिया (हरसोरा) स्थित एक दूध कलेक्शन सेंटर पर छापामारी कर टीम ने करीब 700 लीटर मिलावटी व मिश्रित दूध नष्ट करवाया।

यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण के निर्देश, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और चिकित्सा विभाग की निगरानी में की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा ने बताया कि देर रात सूचना मिली थी कि एक कलेक्शन सेंटर, जो एक नामी ब्रांड की डेयरी से कोड संख्या 724 लेकर संचालित हो रहा है, उसकी आड़ में सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा है।

सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान घर के एक कमरे में संचालित डेयरी में चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। वहां दूध में रिफाइंड तेल, लैक्टोज पाउडर और इमल्सीफायर मिलाकर उसे तैयार किया जा रहा था। मौके से चार बड़ी मिक्सी, न्यूट्रिलाइट ब्रांड रिफाइंड तेल के भरे व खाली पीपे, 25 किलो लैक्टोज पाउडर का कट्टा, आधा टिन इमल्सीफायर, दो गैस चूल्हे, 200 लीटर तैयार सिंथेटिक दूध, दो बीएमसी में लगभग 500 लीटर मिश्रित दूध तथा क्रीम निकालने की मशीन बरामद की गई।

सेंटर संचालक जगराम यादव ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2008 से दूध कलेक्शन का कार्य कर रहा है। विभाग ने तत्काल प्रभाव से डेयरी सुपरवाइजर को संबंधित सेंटर का कोड नंबर 724 बंद करने के निर्देश दिए।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दूध के दो नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टीम ने मौके पर ही मिलावटी दूध, रिफाइंड तेल, लैक्टोज पाउडर और इमल्सीफायर को नष्ट करवा दिया।

इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ ट्रेनी एफएसओ प्रियांशी यादव, मनीषा, अंकित घोसल्या, अजय यादव, भोजराज, नीरज, दीक्षा और राजसिंह शामिल रहे। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट की सूचना मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।

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