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राजस्थान

नाले में गिरीं पूर्व सभापति, बचाने के लिए कूदे पति, मवेशियों से बचने के चक्कर में हुआ हादसा

राजस्थान/पाली। बीते दिन मंगलवार को पाली नगर परिषद की पूर्व सभापति कुसुम सोनी एवं उनके पति के नाले में गिरने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद गुरुवार को भाजपा नेताओं ने नगर परिषद के खिलाफ प्रदर्शन कर रास्ता जाम करने के साथ ही कमिश्नर एवं आयुक्त का घेराव भी किया और नगर परिषद के खिलाफ नारेबाजी की।

इसके बाद नाले पर हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू होने पर जाम को खोला गया। इस दौरान पुलिस जाब्ता भी मौजूद रहा। वहीं, नगर परिषद आयुक्त ने शुक्रवार से खुले नाले ढकवाने का अभियान शुरू करने का आश्वासन दिया है।

इस दौरान उपसभापति ललित प्रतिमानी, पूर्व सभापति कुसुम सोनी, उनके पति रमेश सोनी, क्षेत्रीय पार्षद अकरम खिलेरी, पार्षद राधेश्याम चौहान, नरेश मेहता, विकास बुबकिया, लुणसिंह राजपुरोहित, जय जयवानी, ओमप्रकाश स्वामी, रमेश परिहार, मुकेश नाहर, रणजीत सिंह राजपुरोहित, निर्मल बालिया, मोहनलाल चारण, बहादुर सिंह राठौड़, अमजद अली रंगरेज, जिशान अली रंगरेज, घनश्याम बोराणा, रमेश बोराणा, जशोदा जागरवाल, नीतू अमरवानी, हुकमीदेवी मंडोरा, ममता बोहरा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह है मामला
गौरतलब है कि मंगलवार को नगर परिषद की पूर्व सभापति कुसुम सोनी एवं उनके पति रमेश सोनी बुधवार को खुले नाले में गिर गई थीं, जिन्हें आसपास मौजूद लोगों ने बाहर निकाला था। पूर्व सभापति कुसुम सोनी एवं उनके पति बाइक से बाजार से घर की तरफ जा रहे थे। इस दौरान पुराना बस स्टैंड के निकट डागा गली के सामने आपस में लड़ रहे मवेशियों से बचने के चक्कर में खुले नाले में गिर गए। यह हादसा इसलिए हुआ क्योंकि नाले की सुरक्षा दीवार भी नहीं बनी हुई थी।

गनीमत यह रही कि सोनी दंपती को इस दौरान कोई गंभीर चोट नहीं आई और उन्हें समय रहते नाले से बाहर निकाल लिया गया। अब देखना यह है कि आगे से फिर से इस प्रकार की कोई घटना नहीं हो। इसके लिए परिषद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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