नई दिल्ली। अहमदाबाद हादसे के बाद डीजीसीए (DGCA) ने विमानन सुरक्षा को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। डीजीसीए ने एअर इंडिया के डिवीजनल वाइस प्रेसिडेंट सहित तीन अधिकारियों को चालक दल की समय-सारणी और रोस्टरिंग से संबंधित सभी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से हटाने का आदेश दिया है।
नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 20 जून को अपने आदेश में एअर इंडिया को इन अधिकारियों के खिलाफ अविलंब आंतरिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने को भी कहा। डीजीसीए के आदेश के अनुसार तीन अधिकारियों में एयरलाइन का एक डिवीजनल वाइस प्रेसिडेंट भी शामिल है।
इससे पहले नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने तीन एयरबस विमानों के आपातकालीन उपकरणों की जांच के लिए निर्धारित तिथि से अधिक समय होने के बावजूद उड़ान भरने पर एअर इंडिया को सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के लिए चेतावनी दी थी। डीजीसीए (DGCA) ने इस मुद्दे को हल करने में धीमी गति से काम करने के लिए भी फटकार लगाई। यह मामला मई में एअर इंडिया के तीन एयरबस विमानों की जांच से जुड़ा है।
डीजीसीए की रिपोर्ट के मुताबिक मौके पर की गई जांच में पाया गया कि एस्केप स्लाइड्स के महत्वपूर्ण आपातकालीन उपकरणों पर अनिवार्य निरीक्षण के निर्धारित समय से अधिक समय होने के बावजूद उनका संचालन किया गया था। एक जांच में पाया गया कि एयरबस ए320 जेट का निरीक्षण 15 मई को किए जाने से पहले एक महीने से अधिक समय तक विलंबित रहा। एयरनेव रडार डाटा से पता चलता है कि देरी के दौरान विमान ने दुबई, रियाद और जेद्दा जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान भरी थी।
अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था एअर इंडिया का विमान- कुल 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर 12 जून को लंदन जा रहा एअर इंडिया (Air India) का विमान एआई-171 अहमदाबाद के एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में एक व्यक्ति को छोड़कर विमान में सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई थी और जमीन पर मौजूद लगभग अन्य 29 लोग मारे गए थे।
अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान हादसे में 270 लोगों की मौत होने के एक सप्ताह बाद 215 मृतकों की डीएनए मिलान के जरिये पहचान कर ली गई है। 198 शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ राकेश जोशी ने जानकारी दी कि जो 198 शव सौंपे गए हैं उनमें 149 भारतीय, 32 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक है। 198 शवों में जमीन पर मारे गए सात लोगों के पार्थिव शरीर भी शामिल हैं।







