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महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय : सुनेत्रा पवार बनेंगी महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सुनेत्रा पवार, जो अब तक मुख्य रूप से सामाजिक कार्यों और पर्दे के पीछे से चुनावी प्रबंधन संभालती थीं, अब राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रही हैं। यह उनके तीन दशक लंबे सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा शिखर है।

पारिवारिक विरासत और सामाजिक बुनियाद

सुनेत्रा पवार का जन्म एक राजनीतिक परिवार में हुआ था। उनके भाई पदमसिंह पाटिल राज्य के दिग्गज नेताओं में गिने जाते रहे हैं। पवार परिवार की बहू बनने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति के बजाय सामाजिक क्षेत्र को चुना। उन्होंने बारामती के ‘एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ट्रस्ट’ के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई। इस ट्रस्ट के माध्यम से उन्होंने खेती में नई तकनीक लाने और ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

महिला सशक्तिकरण का ‘बारामती मॉडल’

सुनेत्रा पवार की सबसे बड़ी उपलब्धि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण माना जाता है। उन्होंने ‘शारदा महिला संघ’ के माध्यम से हजारों स्वयं सहायता समूहों का जाल बिछाया। इसके अलावा, उन्होंने ‘एनवायरमेंटल फोरम ऑफ इंडिया’ की स्थापना कर पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के कार्यों को जमीनी स्तर पर उतारा। उनकी छवि हमेशा एक मृदुभाषी और विकासोन्मुख कार्यकर्ता की रही है।

नेपथ्य से मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश

दशकों तक उन्होंने अपने पति अजित पवार के लिए चुनाव प्रबंधन और निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। बारामती से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ना उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन और चर्चा में रहने वाला मोड़ था। भले ही उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने खुद को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित कर लिया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा और अब वे महाराष्ट्र सरकार में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन होने जा रही हैं।

राजनीतिक मायने और भविष्य की चुनौतियां

सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना केवल एक पद की प्राप्ति नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की ‘आधी आबादी’ को साधने की एक बड़ी कोशिश है। एक ऐसे राज्य में जहां सावित्रीबाई फुले और अहिल्याबाई होल्कर जैसी महान विभूतियों की विरासत है, वहां पहली बार किसी महिला का इस पद तक पहुंचना ऐतिहासिक है। आने वाले विधानसभा चुनावों में महिला मतदाताओं को महायुति के पक्ष में एकजुट करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी होगी।

अजित पवार के निधन के बाद फैसला

अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बनी सियासी परिस्थितियों में यह फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि बुधवार, 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रैश की घटना में अजीत पवार की निधन हो गया था । इस घटना के बाद से तमाम अटकले लगाई जा रही थी कि एनसीपी का अगला नेता कौन होगा।

विधायक दल की बैठक

सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा को एक्साइज और खेल मंत्रालय मिलेगा, जबकि वित्त मंत्रालय फडणवीस संभालेंगे। सुनेत्रा अभी राज्यसभा सांसद हैं और कहा जा रहा है कि वह भविष्य में अजित पवार की सीट से चुनाव भी लड़ सकती हैं। आज शाम होने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत महायुति के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।

किसने सुनेत्रा पवार को मनाया ?

बारामती में अजित पवार की अस्थियों को विसर्जित करने के बाद एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें सुनेत्रा पवार, उनके बेटे जय पवार, पार्थ पवार और रणनीतिकार नरेश अरोरा शामिल थे. बैठक में सुनेत्रा ने उपमुख्यमंत्री बनने पर राजी नहीं थीं. मगर बेटे पार्थ, जय और नरेश ने उन्हें परिस्थितियों से रूबरू कराया। इसके बाद सुनेत्रा ने सहमति जताई। इसके बाद नरेश अरोरा मुंबई रवाना हो गए, जहां शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं। संभावना है कि आज ही शाम पांच बजे सुनेत्रा पवार शपथ लेंगी। यह फैसला एनसीपी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पार्टी को एकजुट रखने में मदद मिलेगी।

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