श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कुनो नेशनल पार्क में एक नाले के पास नर चीता पवन मृत पाया गया। पवन सुबह करीब 1030 बजे नाले के किनारे मृत मिला। हाल ही में हुई बारिश के कारण नाला उफान पर था और पवन का सिर पानी में डूबा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि कोई बाहरी चोट नहीं थी। पवन जंगल में स्वतंत्र रूप से घूमने वाला एकमात्र चीता था, जबकि बाकी सभी बाड़ों में ही थे।
पहले था नाम ओबन फिर हुआ नामकरण
बता दें कि पवन का पहले नाम ओबन था, वह नामीबिया के एरिंडी प्राइवेट गेम रिजर्व में चीता कंजर्वेशन फंड (सीसीएफ) द्वारा पुनर्वासित चीता का जंगली पोता था। जंगल में पैदा हुए दूसरी पीढ़ी के चीते के रूप में, पवन एक बेहतरीन शिकारी था।
कब हुई पवन की मौत?
एपीसीसीएफ एवं निदेशक, लायन प्रोजेक्ट उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार, पवन सुबह करीब 10ः30 बजे नाले के किनारे मृत पाया गया। हाल ही में हुई बारिश के कारण नाला उफान पर था और पवन का सिर पानी में डूबा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि कोई बाहरी चोट नहीं थी। मौत का प्रारंभिक कारण डूबने का संदेह है, जिसकी अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
उल्लेखनीय है कि 17 सिंतबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में नामीबिया से लाकर आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। चिंता की बात तो यह है कि कुल 20 चीतों में से अब तक आठ चीतों की बीमारी व हादसे के चलते मौत हो गई।







