Israel-US-Iran War. ईरान से युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बहुत बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने एक बयान में ईरान को न्यूक्लियर पावर बता दिया है। इसका मतलब है कि अमेरिका के अनुसार ईरान परमाणु संपन्न देश हो चुका है। ट्रंप के इस बयान ने मिडिल-ईस्ट से लेकर पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। इतना ही नहीं ट्रंप ने होर्मुज में अपनी सेनाएं नहीं भेजने पर नाटो (NATO) के सदस्य देशों को ‘कायर’ कहा है। साथ ही नाटो को धमकी देते हुआ कहा कि आपकी इस कायरता को आगे याद रखा जाएगा।
बता दें कि ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में नाटों देशों से मदद मांगी थी, लेकिन किसी भी देश ने अपनी सेना नहीं भेजी। इससे अमेरिका को तगड़ा आघात लगा है। लिहाजा ट्रंप ने नाटो पर हमला बोला है और गठबंधन के सदस्यों की निंदा की है।
होर्मुज पर हावी ईरान की सेना : द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान ने बंद घोषित कर रखा है। ट्रंप इसे खोलवाने में नाटो देशों की मदद चाह रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों और अन्य जहाजों पर हमले जारी रखा है। इससे जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। बता दें कि अमेरिका-इज़रायल युद्ध से पहले विश्व के समुद्री मार्ग से जाने वाले कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से गुजरता था। अब इसके बंद होने से निर्यात में भारी गिरावट हुई है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं।
ट्रंप ने नाटो को कहा-कागजी शेर : ट्रंप ने रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज पर गश्त करने के लिए नाटो द्वारा युद्धपोत देने से इनकार किए जाने पर उनकी आलोचना की है। ट्रुथ सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा:“अमेरिका के बिना, नाटो एक कागजी शेर है! उन्होंने परमाणु शक्ति वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल होने से इनकार कर दिया। अब वह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, उनके लिए बहुत कम खतरा है, लेकिन वे उच्च तेल कीमतों की शिकायत करते हैं जो उन्हें चुकानी पड़ रही हैं, पर होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में मदद नहीं करना चाहते। यह एक साधारण सैन्य अभियान है जो उच्च तेल कीमतों का एकमात्र कारण है। उनके लिए इतना आसान है, इतना कम जोखिम। कायर, और हम याद रखेंगे!”







