Home » VAML ने विश्व पारिस्थितिकी दिवस पर झारसुगुडा में 2,000 पौधे लगाए
देश

VAML ने विश्व पारिस्थितिकी दिवस पर झारसुगुडा में 2,000 पौधे लगाए

झारसुगुडा/ ओडिशा. भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमिनियम (VAML) ने अपने झारसुगुडा परिचालन केंद्र में विश्व पारिस्थितिकी दिवस मनाया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर लगभग 2,000 पौधे लगाए गए और पर्यावरण जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर आयोजित इस पहल में कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में हरित आवरण (green cover) को बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना था।

विश्व पारिस्थितिकी दिवस (1 नवंबर) पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) की सुरक्षा और लोगों तथा प्रकृति के बीच सामंजस्य बनाए रखने के महत्व को दर्शाता है। इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के ‘पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक’ (2021–2030) के प्रयासों के अनुरूप है, जो पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण को रोकने और उसे सुधारने के लिए एक वैश्विक आह्वान है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए, VAML झारसुगुडा ने वृक्षारोपण और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अपने कर्मचारियों, समुदाय के सदस्यों और स्थानीय हितधारकों के बीच पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा दिया।

VAML झारसुगुडा के CEO, सी. चंद्रू ने कहा, “पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी हमारे कामकाज का एक अभिन्न हिस्सा है—चाहे वह संसाधनों की कार्यक्षमता में सुधार करना हो, स्वच्छ तकनीकों को अपनाना हो, या जैव विविधता (biodiversity) संरक्षण का समर्थन करना हो। इस तरह के व्यापक वृक्षारोपण अभियान जैसे टिकाऊपन (sustainability) पर केंद्रित प्रयास, जिम्मेदार विनिर्माण सुनिश्चित करने और हमारे आसपास के समुदायों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।”

इस आयोजन के दौरान, VAML के विशेषज्ञों ने कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों के लिए पारिस्थितिक संतुलन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर विस्तृत जागरूकता सत्र भी संचालित किए। यह पहल VAML झारसुगुडा के जैव विविधता और स्थिरता से जुड़े व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जो पूरे क्षेत्र में हरित आवरण को बढ़ाने और पारिस्थितिक संरक्षण में योगदान दे रही है।

कंपनी के व्यावसायिक साझेदार, WICL के कर्मचारी शंकर सामंत ने कहा, “इस जागरूकता सत्र ने मुझे एक नया दृष्टिकोण दिया कि कैसे छोटे-छोटे कदम पर्यावरण पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। जैव विविधता संरक्षण और टिकाऊ प्रथाओं के बारे में जानकर मुझे बहुत प्रोत्साहन मिला है, और मैं इनमें से कुछ आदतों को अपने जीवन में भी अपनाना चाहता हूँ। समुदाय के लिए इस तरह के प्रयास होते देखना बहुत सुखद है।” VAML झारसुगुडा ने अपने कामकाज में टिकाऊ विनिर्माण (सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग) के लिए कई तरह के उपाय अपनाए हैं। इनमें पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल और चिमनी से निकलने वाले उत्सर्जन (स्टैक एमिशन) की निगरानी के लिए ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (IoT) पर आधारित आधुनिक डिजिटल सेंसर का उपयोग शामिल है। वित्त वर्ष 2026 तक, इस यूनिट में 116 इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट का इस्तेमाल हो रहा है। इससे सालाना 16.3 लाख लीटर डीजल की खपत कम हुई है और प्लांट के मुख्य कामकाज में 4,450 टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कमी आई है।

जैव विविधता के संरक्षण, संसाधनों के कुशल उपयोग और सामुदायिक भागीदारी जैसी पहलों के जरिए, VAML झारसुगुडा जिम्मेदार विनिर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहा है, साथ ही क्षेत्र के पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र की बेहतरी में भी योगदान दे रहा है।