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छत्तीसगढ़ • दुर्ग-भिलाई

बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देना पिता को पड़ा भारी, कोर्ट ने सुनाई जेल की सजा

दुर्ग । अगर आप भी अपने बच्चे को बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने देते हैं, तो आपको भी जेल की सजा हो सकती है। दुर्ग में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां बिना लाइसेंस बाइक चला रहे युवक ने एक्टिवा को टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस ने मामले की जांच कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। कोर्ट ने बाइक चला रहे बेटे और उसके पिता को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। बाइक चालक मोहित कुमार बघेल को 5 साल की जेल और 1 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। वहीं, उसके पिता मोहन लाल बघेल को 3 महीने की जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

पूरा मामला स्मृतिनगर चौकी क्षेत्र का है। 4 अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे एक स्कूल के पास मोहित कुमार बघेल तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक (CG 07 CW-2768) चला रहा था। इसी दौरान उसने एक्टिवा (CG 19 A-2771) को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में एक्टिवा चला रहे शादान अली की मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हादसे के बाद स्मृतिनगर चौकी में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कि बाइक चला रहे मोहित कुमार बघेल के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद उसके पिता मोहन लाल बघेल ने उसे बाइक चलाने के लिए दी थी। पुलिस ने हादसे के लिए बेटे के साथ पिता की जिम्मेदारी भी तय की। जांच पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई।

दुर्ग जिला सत्र न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2026 को मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने मोहित कुमार बघेल को भारतीय न्याय संहिता और मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 5 साल की जेल और 1 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। वहीं, उसके पिता मोहन लाल बघेल को मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 महीने की साधारण जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।