रायगढ़ जिले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामले में रायगढ़ पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर में दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से दो मामलों का खुलासा हुआ है।
इसी तरह के दूसरे मामले में 27 सितंबर को सूरज शर्मा ने साइबर थाने में शिकायत करते हुए बताया था कि उसके पंजाब नैशनल बैंक के खाते से 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी के बीच 18 बार में कुल 2 लाख 97 हजार 298 रुपए का लेनदेन हुआ है। रकम प्राप्त करने और नगद निकासी के बाद महाराष्ट्र कर्नाटक तथा पंजाब राज्यों में शिकायत होने पर उसका खाता फ्रीज कर दिया गया है। सूरज शर्मा ने खाते का साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने तथा खाते में लगी रोक हटाने के संबंध में पुलिस से जांच का अनुरोध है।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे सूरज शर्मा द्वारा अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराने की आशंका सामने आई। बैंक ट्रांजेक्शन के अवलोकन में विवादित धनराशि में से गायत्री विश्वकर्मा, इंदौर के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार, बैंक खाते का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ अर्जित करने की भूमिका पाए जाने पर 30 सितंबर को धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
काल सेंटर से जुड़े मोबाईल नेटवर्क से खुला राज
दोनों ही मामलों में जांच के दौरान पुलिस को एक कॉमन मोबाइल नंबर का उपयोग संदेही तनिषा पाटिल इंदौर द्वारा किये जाने की जानकारी मिली। साथ ही सूरज शर्मा और इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के बीच संपर्क तथा कथित साइबर ठगी से संबंधित गतिविधियों के तथ्य सामने आए। संदेहियों के मोबाइल नंबर इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय पाए जाने पर साइबर पुलिस की विशेष टीम इंदौर रवाना हुई। जहां एक कॉल सेंटर में दबिश देते हुए गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा गया। इसके बाद संदेही ज्योति मालवीय के विजय नगर क्षेत्र में होने की जानकारी मिलने पर उसे वहां से पकड़ा गया। पुलिस टीम ने ज्योति से मिली जानकारी के आधार पर परदेशीपुरा क्षेत्र से तरुण नागर को गिरफ्तार किया। वहीं, इंदौर से खरसिया आकर अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे सूरज शर्मा को भी पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपियों को इंदौर में न्यायालय के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायगढ़ लाया गया है।







