व्यापारी देगा 0.4% MDR
चंडीगढ़। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि यूपीआइ भुगतानों पर लगने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। उन्होंने विशेष बातचीत में कहा कि इस मुद्दे पर संसद सत्र के दौरान भी चर्चा की गई थी। वित्त मंत्री ने विपक्षी पार्टियों पर झूठ फैलाने व दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।
सीतारमण ने कहा कि एमडीआर एक ऐसा शुल्क है, जो सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रणाली को सुधारने और बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए लगाया जाता है और यह 2,000 रुपये से कम के लेनदेन पर लागू नहीं होता।
यह न तो कर है और न ही कोई उपकर। ये धन देश के कोष में भी जमा नहीं होगा। यह शुल्क केवल सेवा प्रदाताओं के बीच का है। नेशनल पेमेंट्स कार्पाेरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 15 सितंबर को नया एमडीआर ढांचा पेश किया था।
व्यापारियों पर लगेगा 0.4 प्रतिशत एमडीआर
इसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट यानी व्यापारी पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लागू होगा, जबकि उपभोक्ता बिना किसी शुल्क के लेनदेन करते रहेंगे। सरकार ने कहा है कि नई व्यवस्था से लगभग 96 प्रतिशत यूपीआई लेनदेन अप्रभावित रहेंगे।







