10 लाख के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, पार्षद ने ठेकेदार और अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
कोरबा। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 29 मुड़ापार स्थित दशहरा मैदान में निर्माणाधीन मंच का छज्जा ढलाई के करीब 24 घंटे बाद गिर जाने से हड़कंप मच गया। घटना के समय मंच के आसपास लोगों की मौजूदगी थी, लेकिन समय रहते उनके वहां से हट जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुड़ापार के दशहरा मैदान में नगर निगम द्वारा खनिज न्यास मद से करीब 10 लाख रुपए की लागत से मंच का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य ठेकेदार के माध्यम से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मंच के एक हिस्से में ढलाई किए जाने के लगभग 24 घंटे बाद ही उसका छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया। मलबा गिरने की घटना ने निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया और काम की पर्याप्त निगरानी भी नहीं की गई। संबंधित ठेकेदार का नाम अश्वनी चौबे बताया गया है। लोगों ने मामले की तकनीकी जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद गोपाल कुर्रे भी मौके पर पहुंचे। पार्षद के अनुसार, उन्होंने मंच की ढलाई से पहले ही निर्माण कार्य को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि उन्होंने ठेकेदार को कई बार निर्माण कार्य में सावधानी बरतने के लिए कहा था तथा अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी थी। पार्षद ने बताया कि उन्होंने 16 तारीख को मामले को लेकर लिखित शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बाद किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया।
पार्षद ने अधिकारी तपन तिवारी के कथित बयान पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक अधिकारी ने उनसे कहा था कि “ऐसे हादसे होते रहते हैं।” पार्षद ने इस कथित प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी की पोस्टिंग के बाद उन्होंने वार्ड का दौरा तक नहीं किया।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर ने भी घटना को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों में खर्च होने वाली राशि की निगरानी पर सवाल उठाए। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि रवि सिंह चंदेल ने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने, ठेकेदार अश्वनी चौबे को ब्लैकलिस्ट करने तथा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो नगर निगम आयुक्त का घेराव किया जाएगा।
फिलहाल मंच का हिस्सा गिरने की घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में तकनीकी जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण में किन मानकों का पालन किया गया था और मंच का हिस्सा गिरने के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा।







