एक मकान गिरा
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भारी बारिश से कई जगह नुकसान हुआ है। संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है। इस कारण कई मकानों पर खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब तीन से चार इमारतें खतरे की जद में हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। रिझाना में भूस्खलन के कारण गाडिय़ां मलबे में दब गईं। शनिवार तड़क़े करीब चार बजे हुए इस भूस्खलन से इलाके में दहशत का माहौल है। उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। भूस्खलन संजौली कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर एक डंगा ढहकर नीचे रिहायशी मकानों की ओर जा गिरा। इससे मकानों तक जाने वाला रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसी स्थान पर 28 जून 2025 को भी भीषण भूस्खलन हुआ था। उस समय पहाड़ी से मलबा और चट्टानें सीधे रिहायशी मकानों में जा घुसी थीं, जिससे कई बच्चे और महिलाएं अपने घरों में फंस गए थे।
लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को शिमला के रिझाना क्षेत्र में भारी भूस्खलन की घटना सामने आई। रिझाना में पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में चट्टानें, बोल्डर और मलबा सडक़ किनारे आ गिरा। भूस्खलन के दौरान मौके पर खड़े दो वाहन मलबे की चपेट में आ गए। दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और आंशिक रूप से मलबे में दब गए। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वाहनों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
शिमला के रामनगर क्षेत्र में भारी बारिश के चलते एक पुराना मकान भरभराकर ढह गया। राहत की बात यह रही कि यह मकान लंबे समय से खाली पड़ा था, जिसके कारण इस हादसे में किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
हालांकि, मकान गिरने की घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही बारिश के बीच स्थानीय लोगों को अन्य जर्जर भवनों के गिरने का भी डर सता रहा है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने, जर्जर भवनों का निरीक्षण करने और लगातार निगरानी रखने की मांग की है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को समय रहते टाला जा सके। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़िय़ां लगातार दरक रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।







