Home » तमिलनाडु की 500 साल पुरानी कांस्य प्रतिमा की घर वापसी, ऑक्सफोर्ड के संग्रहालय ने पूरी की प्रक्रिया
देश

तमिलनाडु की 500 साल पुरानी कांस्य प्रतिमा की घर वापसी, ऑक्सफोर्ड के संग्रहालय ने पूरी की प्रक्रिया

नई दिल्ली। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एशमोलियन संग्रहालय तमिलनाडु के एक प्राचीन मंदिर से चुराई गई 16वीं शताब्दी की कांस्य प्रतिमा भारत को वापस लौटाने की तैयारी में है। यह प्रतिमा दक्षिण भारतीय हिंदू संत तिरुमंगाई अलवार (थिरुमंगाई अलवार) की है, जो तमिलनाडु के थाडिकोम्बु गांव स्थित श्री सौंदरराज पेरुमल मंदिर की मूल पूजनीय वस्तु थी। प्रतिमा की ऊंचाई 57.5 सेंटीमीटर है और यह ठोस कांस्य से बनी हुई है।

एशमोलियन संग्रहालय ने 1967 में सोथबीज़ नीलामी घर से डॉ. जे.आर. बेलमोंट (1886-1981) के निजी संग्रह से यह प्रतिमा खरीदी थी। उस समय इसकी उत्पत्ति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं थी।

हालांकि, नवंबर 2019 में एक स्वतंत्र फ्रांसीसी शोधकर्ता ने संग्रहालय को सूचित किया कि 1957 में ली गई एक तस्वीर में यही प्रतिमा थाडिकोम्बु के सौंदरराज पेरुमल मंदिर में मौजूद थी। इस खुलासे के बाद संग्रहालय ने इसकी जांच शुरू की।

11 फरवरी 2020 को मंदिर के एक कार्यकारी अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि मूल प्रतिमा की जगह एक आधुनिक प्रतिकृति स्थापित कर दी गई है। इसके बाद भारतीय उच्चायोग ने 3 मार्च 2020 को औपचारिक दावा पेश किया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अनुरोध पर संग्रहालय ने कांस्य की धातु का वैज्ञानिक विश्लेषण कराया और उत्पत्ति की पुष्टि की।

Search

Archives