राजस्थान/चित्तौड़गढ़। जिले के रावतभाटा के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। अनुज ने बताया कि उनकी प्रेरणा उनकी मां थी। उनकी वजह से ये सफलता मिली है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस बार कुल 958 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। खास बात यह रही कि राजस्थान के लिए यह परिणाम गर्व का क्षण लेकर आया है। कोटा के पास स्थित छोटे से कस्बे रावतभाटा के 26 वर्षीय अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस मौके पर एक बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया है। अनुज अग्निहोत्री ने कहा कि उनकी मां हमेशा से उनकी प्रेरणा रही हैं। उन्होंने ही उन्हें लोगों की सेवा करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
‘माता-पिता ने किया सपोर्ट’ : अनुज बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य नहीं पता था, लेकिन वे हमेशा से यह जानते थे कि उन्हें लोगों की सेवा करनी है और समाज के बड़े वर्ग पर सकारात्मक प्रभाव डालना है। वर्ष 2017 में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने के कुछ समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि बदलाव लाने के लिए अधिकार और जिम्मेदारी भी जरूरी होती है। इसके बाद उन्होंने अपने माता-पिता से चर्चा की और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
खुद की सफलता पर नहीं हुआ यकीन : उन्होंने बताया कि जब उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की, तो उन्हें अपनी सफलता पर यकीन ही नहीं हुआ। उस खुशी के पल को याद करते हुए अनुज कहते हैं कि वे अपने कमरे में चले गए और करीब आधे घंटे तक खुशी के आंसू बहाते रहे।
तीसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता : चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी अनुज अग्निहोत्री ने अपने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत के साथ-साथ किस्मत को भी दिया। इससे पहले अपने पहले प्रयास में उनका चयन DANICS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा) के लिए हुआ था और वे उसका प्रशिक्षण ले रहे थे। वर्तमान में वे दिल्ली में एसडीएम के रूप में प्रोबेशन अवधि में कार्यरत थे।
कोचिंग के बिना हासिल की सफलता : प्रशिक्षण के दौरान भी अनुज ने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। यह उनका तीसरा प्रयास था। खास बात यह रही कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली। उनकी सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण रहा। वे प्रतिदिन लगभग 13 घंटे पढ़ाई करते थे। अनुज ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से की। इंटरव्यू की तैयारी के लिए उन्होंने दिल्ली स्थित एन्श्योर आईएएस संस्थान से मार्गदर्शन लिया। इस दौरान उनके मेंटर सचिन जैन, जो पूर्व में आईआरएस अधिकारी रह चुके हैं, ने साक्षात्कार की तैयारी में उनका मार्गदर्शन किया।
साधारण परिवार से हैं ताल्लुक : अनुज अग्निहोत्री का संबंध एक सामान्य परिवार से है। उनके पिता कृष्ण बिहारी राजस्थान परमाणु ऊर्जा स्टेशन में तकनीशियन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। अनुज शुरू से ही पढ़ाई में प्रतिभाशाली रहे हैं और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
शिक्षा और करियर की शुरुआत : अनुज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रावतभाटा के एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल से प्राप्त की और वहीं से 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने कोटा के एम.बी. पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता मिलने के बाद उन्होंने जोधपुर स्थित एम्स से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। वर्ष 2023 में मेडिकल इंटर्नशिप पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी तरह से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया।







