रायपुर। नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। नक्सल उन्मूलन अभियान को आज एक और अहम उपलब्धि मिली है। झीरम घाटी हमले की साजिश रचने वाले मुख्य चेहरों में गिने जाने वाले चैतू और अनंत ने अपने साथ मौजूद कई साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इस महत्वपूर्ण विकास की जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया के सामने साझा की।
शर्मा ने कहा कि हथियार छोड़ने का यह फैसला बस्तर ही नहीं, पूरे देश में नक्सलवाद के पतन का संकेत है। उनके अनुसार, चैतू और अनंत वर्षों से नक्सली गतिविधियों को दिशा दे रहे थे, लेकिन अब वे मुख्यधारा में लौटने को तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में नक्सलवाद 80 प्रतिशत तक कमजोर हो चुका है और शेष हिस्सा भी अपेक्षित समय से पहले समाप्त कर दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद को जड़ से मिटाने की जो मंशा व्यक्त की गई थी, उसकी वास्तविक झलक अब प्रदेश में देखी जा सकती है। विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में माहौल तेजी से बदल रहा है डर की जगह अब विश्वास और विकास की चर्चा हो रही है।







