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रायगढ़

50,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में हेड कांस्टेबल निलंबित

रायगढ़। जिले में एक टपरी संचालक को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देकर 50,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में एक प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने यह कार्रवाई की है।

मामले का खुलासा और शिकायत : मिली जानकारी के अनुसार, रायगढ़ का एक टपरी संचालक अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। हाल ही में, एक व्यक्ति ने उसे 100 पैकेट राजश्री तंबाकू दिए, जिसे उसने तीन लोगों के साथ मिलकर खरीदा था। इसके बाद, चारों को सिटी कोतवाली थाने बुलाया गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मी लोमस राजपूत ने पीड़ित से कहा कि वह उसे इस मामले में बचा सकता है, लेकिन इसके एवज में उसे 50,000 रुपये देने होंगे।

पीड़ित ने बताया कि पुलिसकर्मी ने उसे डराया-धमकाया और शारीरिक व मानसिक दबाव बनाया। किसी तरह व्यवस्था करके उसने लोमस राजपूत को 20,000 रुपये दे दिए। इसके बावजूद, पुलिसकर्मी द्वारा लगातार 5,000 रुपये और मांगे जा रहे थे और झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। पीड़ित ने इस संबंध में बिलासपुर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को पत्र लिखकर पुलिसकर्मी लोमस राजपूत के खिलाफ जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

पुलिस अधीक्षक ने की तत्काल कार्रवाई : पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक रायगढ़, दिव्यांग पटेल ने प्रधान आरक्षक लोमस राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि के दौरान, प्रधान आरक्षक का मुख्यालय रक्षित केंद्र रायगढ़ रहेगा। उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी देय होगा। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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