रायगढ़। जिला मुख्यालय में पिछले 28 वर्षों से तपस्या में बैठे बाबा सत्यनारायण के विरुद्ध सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में रायगढ़ पुलिस ने कोरबा जिले से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने साइबर अपराधों के प्रति पुलिस की तत्परता को एक बार फिर उजागर किया है।
पुलिस को फेसबुक अकाउंट “Soozoo” नामक आईडी से बाबा सत्यनारायण के संबंध में एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए जाने की लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने इस मामले को संज्ञान में लेते ही कोतरारोड़ थाना प्रभारी को तत्काल अपराध पंजीबद्ध करने और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद, कोतरा रोड थाना और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 और 299 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया।
साइबर एक्सपर्ट टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसे पकड़ने के लिए एक टीम कोरबा रवाना की। वहां, कोरबा पुलिस के सहयोग से आरोपी सरोज रात्रे (32 वर्ष), निवासी सलिहाभांठा को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से वह वीवो मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिसका उपयोग सोशल मीडिया पर अवांछित सामग्री साझा करने में किया गया था। कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में इस मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया कि कोसमनारा के बाबा के विरुद्ध की गई इस अभद्र टिप्पणी के मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी। कोरबा पुलिस की मदद से आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
आपत्तिजनक टिप्पणी के पीछे का उद्देश्य : पुलिस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी सरोज रात्रे ने सोशल मीडिया पर बाबा सत्यनारायण के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो क्यों पोस्ट किया। क्या यह व्यक्तिगत द्वेष का परिणाम था, या इसके पीछे कोई अन्य षड्यंत्र था, यह गहन पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपी ने अकेले ही यह कृत्य किया या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
साइबर सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई का महत्व : यह घटना साइबर स्पेस में फैल रही नफरत और भ्रामक सूचनाओं के बढ़ते खतरे को रेखांकित करती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि इस तरह के अपराधों को गंभीरता से लिया जा रहा है। भारतीय न्याय संहिता की धाराएं ऐसे मामलों में कार्रवाई का आधार प्रदान करती हैं, जिससे समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है। पुलिस जनता से अपील करती है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाहें या आपत्तिजनक सामग्री फैलाने से बचें और संयम बरतें।







