Sonam Wangchuk: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 20वां दिन है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले शुक्रवार को उनसे मिलने दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताई और उनसे अनशन खत्म करने का अनुरोध किया।
सुप्रिया सुले ने कहा, ‘हम सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल छोड़ने की विनती करने आए हैं। अगर कोई लड़ाई लड़नी है तो हम सब मिलकर संसद में भी लड़ेंगे। सोमवार से संसद सत्र शुरू हो रहा है। हम वहां ये सभी मुद्दे उठाएंगे जिसमें नीट के छात्रों की चिंताएं भी शामिल हैं।’
सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उसे असंवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरी तरह से वांगचुक के साथ खड़ा है। सुले ने बताया कि इस मुद्दे पर डिंपल यादव ने भी मुलाकात की है और डीएमके व टीएमसी जैसी पार्टियों का भी पूरा समर्थन हासिल है।
सोनम वांगचुक से क्या कहा? : सुप्रिया सुले ने सोनम वांगचुक से कहा, ‘एक बहन होने के नाते अनुरोध है कि आप थोड़ा खाना खा लीजिए। देश को आपकी जरूरत है। हम 20 तारीख को पूरी ताकत के साथ आपके साथ खड़े रहेंगे।’ जंतर मंतर पर मौजूद लोगों ने सुप्रिया सुले के भाषण के दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। इस पर सुले ने भरोसा दिलाया कि छात्रों और लद्दाख से जुड़े हितों की बात सदन में प्रमुखता से रखी जाएगी।
परिसीमन और एक राष्ट्र, एक चुनाव पर क्या बोलीं? : परिवर्तन और चुनाव से जुड़े सवालों पर सुप्रिया सुले ने कहा कि परिसीमन विधेयक अभी पेश ही नहीं हुआ है। जब तक वह किसी बिल को देख नहीं लेतीं तब तक उस पर टिप्पणी करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की प्रक्रिया चल रही है और अभी इसका बिल अंतिम रूप में नहीं आया है।