राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव सहित बुधवार को करीब 10 लोगों से पूछताछ पूछताछ हुई। पुलिस ने तीन आरोपितों के घर छापेमारी कर एक बक्सा व कुछ कागजात बरामद किए हैं। इस बीच घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआइटी) का कार्यकाल 15 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने 13 जून को एसआइटी गठित की थी। इसे सप्ताह भर में प्रारंभिक व पखवाड़े भर में अंतिम रिपोर्ट देने को कहा गया था। 21 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट में एसआइटी ने कार्यकाल बढ़ाने सहित प्रकरण में एफआइआर दर्ज करने और मंदिर व्यवस्था में सुधार के सुझाव दिए थे। इसी के आधार पर दर्ज एफआइआर के बाद अब तक आठ आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है।
गोपाल राव सहित करीब 10 लोगों से की पूछताछ
पुलिस ने जांच तेज करते हुए बुधवार को कमांड सेंटर में राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव सहित करीब 10 लोगों से पूछताछ की है। साथ ही मुख्य आरोपितों (लवकुश, अनुकल्प व करुणेश) के मिल्कीपुर, खंडासा व रुदौली स्थित पैतृक गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। पुलिस ने लवकुश के पिता को हिरासत में लिया है। जांच में लवकुश की पत्नी सुप्रिया के खाते में सालाना 24 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है।
पुलिस के मुताबिक सुप्रिया गृहिण हैं, ऐसे में पता लगाया जा रहा है कि उनके पास यह पैसा कहां से आया। इस बीच, विवेचक व क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने अयोध्या में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण एक्ट) रजत वर्मा की अदालत में मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ल की 48 घंटे की पुलिस अभिरक्षा (रिमांड) की अर्जी दी है।







