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शुभेंदु अधिकारी : पश्चिम बंगाल में छह साल के भीतर बीजेपी को टॉप पर पहुंचाने वाले नेता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अगर तृणमूल कांग्रेस के अभेद्य किले को ढहाते हुए सत्ता तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की है तो काफ़ी हद तक इसका श्रेय शुभेंदु अधिकारी को भी जाता है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के रुझानों में बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐसा तय माना जा रहा है कि बीजेपी पहली बार इस राज्य में सरकार बनाने जा रही है।

राजनीतिक सक्रियता और आक्रामक तेवरों के कारण पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की आंखों का तारा बने शुभेंदु अब मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार के तौर पर सामने आए हैं।

शुभेंदु को साल 2020 तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नंबर दो माना जाता था. लेकिन पार्टी में अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव ने उनको धीरे-धीरे हाशिए पर पहुंचा दिया था. उसके बाद 2021 के चुनाव के ठीक पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था।

बीजेपी में शामिल होने के क़रीब चार महीने के भीतर हुए उस विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने पार्टी को तीन से 77 सीटों तक पहुंचा दिया था।

हालांकि पार्टी के केंद्रीय नेताओं ने तब ‘अबकी बार दो सौ पार’ का नारा दिया था. वह सपना तो उस समय पूरा नहीं हो सका था. लेकिन तीन से 77 सीटों तक पहुंचना भी उसके लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं थी।

अब पांच साल बाद पार्टी ने बंगाल में ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सरकार को सत्ता से हटाकर उस आंकड़े के काफ़ी क़रीब पहुंचने के साथ ही पहली बार बंगाल में सत्ता हासिल करने की राह पकड़ी है।

ज़मीन पर रहे शुभेंदु अधिकारी

इससे ‘अंग-बंग और कलिंग’ (बिहार, बंगाल और ओडिशा) पर काबिज़ होने का बीजेपी का पुराना सपना भी साकार हो गया है. इनमें से अंग और कलिंग पर तो वह पहले से काबिज़ थी. लेकिन पहली बार बंग पर भी उसका क़ब्ज़ा हो गया है।

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