पिता को बेटे के हाथों मौत मिली, मंझले बेटे ने ही गोली मार दी
मथुरा। दिनेश 555 बीड़ी’ ब्रांड का नाम आपने कभी ना कभी सुना ही होगा। बीड़ी मार्केट में ये ब्रांड किसी पहचान का मोहताज नहीं है। देश के कई राज्यों में इस बीड़ी का जबरदस्त बिजनेस है। इस बीड़ी के मालिक का नाम था सुरेश चंद्र अग्रवाल है। दशकों पहले सुरेश अग्रवाल ने बीड़ी का कारोबार शुरू किया था और कुछ ही समय में इसे बीड़ी का एक बड़ा ब्रांड बनाया था। सुरेश कुमार अग्रवाल के कारोबार की सफलता और उनकी जिंदगी की कहानी फर्श से अर्श पर उठने वाली कहानी थी। 75 साल के सुरेश अब अपने परिवार के साथ मथुरा में रह रहे थे। मगर उम्र के इस पड़ाव पर आकर सुरेश चंद्र अग्रवाल को अपने ही बेटे के हाथों मौत मिली है।
बता दें कि सुरेश चंद्र अग्रवाल को उनके मझले यानी बीच के बेटे ने ही गोली मार दी। अपने पिता की हत्या करने के बाद बेटे ने खुद को भी गोली मार ली और अपनी जान दे दी। इस वारदात को नरेश ने परिवार के बंगले में ही अंजाम दिया। इस हत्याकांड के लिए नरेश ने अपनी लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किया। बता दें कि 31 अक्टूबर की रात दोनों पिता-बेटे की मौत हो गई।
नरेश ने क्यों मारी पिता को गोली?
करोड़ों-अरबों के मालिक, पश्चिम बंगाल समेत देश के कई राज्यों में बेशकीमती संपत्तियों के मालिक सुरेश चंद्र अग्रवाल की हत्या आखिर उनके बेटे ने क्यों की? आखिर वृंदावन के गौरा नगर कॉलोनी में स्थित अग्रवाल परिवार के उस घर में 31 अक्टूबर के दिन ऐसा क्या हुआ, जिसमें नरेश अपने ही पिता का हत्यारा बन गया और फिर खुद भी अपनी जान ले ली? अब तक इस मामले में जो पता चला है, उसे हम आपको बताते हैं।
प्राप्त जानकारी के मुतबिक, अग्रवाल परिवार की तरफ से बताया गया है कि 31 अक्टूबर की शाम नरेश और उसके पिता सुरेश के बीच शराब को लेकर विवाद हुआ था। नरेश घर में शराब पी रहा था। पिता सुरेश ने इस बात का विरोध किया था। रात करीब 9 बजे दोनों बाप-बेटे के बीच इसको लेकर विवाद बढ़ गया था। इसी बीच शराब के नशे में नरेश ने अपना लाइसेंसी हथियार निकाल लिया और अपने पिता पर फायर कर दिया।
माना जा रहा है कि पिता पर गोली चलाने के बाद उसे अफसोस हुआ। इसी दौरान उसने खुद को भी कथित रूप से गोली मार ली और अपनी जान दे दी। घर से गोली की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। पिता सुरेश और बेटा नरेश खून से लथपथ एक कमरे में पड़े हुए थे। परिजन दोनों को लेकर फौरन अस्पताल गए। मगर डॉक्टरों ने देखते ही दोनों को मृत घोषित कर दिया।
कई राज्यों में फैला है 555 बीड़ी का कारोबार
सुरेश चंद्र अग्रवाल ने दशकों पहले बीड़ी का काम शुरू किया था। आज उनका ये कारोबार पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो सुरेश अग्रवाल के तीनों बेटे इसी कारोबार में लगे हुए हैं। नरेश और उसका छोटा भाई मथुरा में ही कारोबार संभालते हैं तो एक भाई पश्चिम बंगाल में कारोबार संभालता है। सुरेश अपने 2 बेटों और उनके परिवारों के साथ मथुरा वाले घर पर ही रहते थे।
नरेश को थी शराब की लत
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरेश अग्रवाल का बेटे नरेश भी समाजसेवा में लगा रहता था। वह भी पिता के साथ कारोबार संभालता था। लोगों का कहना है कि नरेश में शराब पीने की लत थी और वह बहुत जल्द आपा खो देता था। माना जा रहा है कि इसी वजह से नरेश ने अपने पिता पर गोली चला दी और फिर खुद को भी गोली मार दी। इस कांड ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया है. बता दें कि नरेश भी अपने पीछे अपनी पत्नी और बेटा-बेटी को छोड़कर गया हैद्य।
पुलिस ने दी मामले को लेकर जानकारी
इस पूरे मामले को लेकर (सीओ सदर) संदीप कुमार ने बताया, दिनेश बीड़ी के मालिक सुरेश चंद्र को उनके बेटे ने लाइसेंस रिवाल्वर से गोली मारी है, फिर उसने खुद को भी गोली मारी है। मामले की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि शराब को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ और ये घटना घटी।







