कोरबा। पसरखेत गांव में विशालकाय किंग कोबरा देख लोगों के होश उड़ गए। अचानक इतने बड़े विषधर सांप को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम को दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने मामले की जानकारी कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव को दी। उनके निर्देश और एसडीओ आशीष खेलवार एवं एसडीओ सुर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में जितेंद्र सारथी अपनी टीम के एम सूरज, सिद्धांत जैन, बबलू मारवा के साथ तुरंत उस स्थान के लिए रवाना हुए। गांव पहुंचने के बाद सबसे पहले ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर किया गया और फिर तय प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

विशेषज्ञों का कहना हैं कि किंग कोबरा बिना वजह मनुष्य पर हमला नहीं करता, केवल खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो जाता है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में लोगों को सांप को मारने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। जिले में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी लगातार जनजागरूकता और रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से यह संदेश दे रहे हैं कि इंसान और सांप का सह-अस्तित्व ही संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ी पहल है।







