कोरबा। बाल संप्रेषण गृह एक बार फिर सुरक्षा खामियों को लेकर सुर्खियों में है। यहां किचन शेड में काम के दौरान तीन अपचारी बालक मौका पाकर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद एक बालक स्वयं वापस लौट आया, लेकिन दो अन्य की तलाश पुलिस और बाल संप्रेषण गृह प्रशासन द्वारा की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने गृह का निरीक्षण किया और सुविधाओं की जानकारी ली।
गृह में इस वक्त 33 अपचारी बालक निरूद्ध बाल सुधार गृह में है जिनका देखरेख किया जा रहा है। बाल सुधार गृह में खामियों का फायदा उठाते हुए एक बार फिर तीन अपचारी बालक के भागने में सफल हुए घटना की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े कोरबा संप्रेषण गृह का निरीक्षण किया। इस घटना की जानकारी सीएसईबी चौकी पुलिस को दी गई।
डॉक्टर वर्णिका शर्मा राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने बताया कि बच्चों की हित और अच्छी सुविधाओं को लेकर निरीक्षण किय गया और जो कमियां है उसे जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। उन्हें जानकारी मिली है कि तीन अपचारी बालक भाग गए हैं। इसकी जानकारी मिलने पर मामले को संज्ञान में दिया गया है और किस तरह से लापरवाही बढ़ती गई है इसकी जांच की जाएगी।
फरार तीन बच्चों में से एक तोरवा बिलासपुर में अपने परिजनों के पास पहुंच गया था क्योंकि परिजनों को उनके भागने की सूचना दी जा चुकी थी। इसलिए परिजनों ने बालक को समझाया और उसे तोरवा पुलिस के सुपुर्द कर दिया।अब बालक बाल संरक्षण गृह में आ चुका है बाकी दो की तलाश की जा रही है।
दर्री मार्ग पर स्थित कोहड़िया बस्ती के पास नए सरकारी भवन में जब से बाल संप्रेषण गृह के लिए स्थानांतरित हुआ है। तब से यहां अनेक घटनाएं घट चुकी हैं। यहां इसके शुरू होने के दूसरे दिन ही चार किशोर रोशनदान तोड़कर भाग गए थे। इसके बाद यहां के रसोईया घर में चल रहे निर्माण कार्य और कर्मचारियों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए यहां से तीन किशोर फरार हुए।
कुछ माह पहले वही बाल संप्रेषण गृह का एक वीडियो वायरल हुआ था। बच्चों के इस वीडियो को बाकायदा रील बनाकर डाला गया था जबकि इस तरह के होम्स में कैमरा प्रतिबंधित होता है। इस मामले की जांच में यहां संविदा पर नियुक्त हाउस फादर सविता बैरागी की लापरवाही सामने आई थी। पता चला कि उन्हीं के मोबाइल से बच्चों का वीडियो शूट किया गया था। इसके खिलाफ बर्खास्त की कार्रवाई की गई थी।







