कोरबा। “आल इंडिया नेशनल डांस, म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स कम्पटीशन एंड फेस्टिवल का आयोजन 23 से 28 दिसंबर 2025 तक दुर्ग (छत्तीसगढ़) में भव्य रूप से किया गया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर नाट्य-नर्तन विधा में कोरबा की नन्ही प्रतिभा आशी वर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले और प्रदेश का नाम रौशन किया।
आशी वर्मा प्रारंभ से ही नृत्य कला के प्रति विशेष रुचि रखती हैं। उनकी जीवन-यात्रा संघर्ष और संकल्प की मिसाल है। महज दो वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय आकाश वर्मा को असमय खो दिया। इसके बावजूद मां सिमरन वर्मा ने अदम्य साहस के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए बेटी को पिता की कमी कभी महसूस नहीं होने दी और उसकी प्रतिभा को निरंतर प्रोत्साहित किया।
नन्ही आशी की कला-साधना में उनके नाना विरेंद्र सोनी एवं नानी श्रीमती रूपा सोनी का योगदान भी अत्यंत सराहनीय रहा है, जिन्होंने हर कदम पर उसका संबल बढ़ाया। वहीं, आशी की नृत्य शिक्षिका प्रीति चंद्रा के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण ने उसकी प्रतिभा को सशक्त मंच प्रदान किया।
कम उम्र में ही आशी वर्मा ने विभिन्न मंचों पर अपनी नृत्य कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। दुर्ग में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर की नृत्य-कला में निपुण प्रतिभाओं के बीच आशी ने अपनी सशक्त प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए द्वितीय स्थान हासिल किया।
इस उपलब्धि से न केवल आशी का परिवार और विद्यालय गौरवान्वित हुआ है, बल्कि पूरे कोरबा जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश में हर्ष और गर्व का वातावरण है। नन्ही आशी की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।
गुरु कुमारी प्रीति चंद्रा जी का कहना है…
यदि सीखने की सच्ची चाह और लगन हो, तो उम्र, दूरी या परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बन सकतीं। आशी जैसी छोटी उम्र की छात्रा इस बात का प्रेरक उदाहरण हैं। मैं हर उम्र और स्थान के बच्चों को ऑनलाइन कथक सिखाकर उन्हें हर मंच तक पहुँचाने का प्रयास करती हूँ।”
आशी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रमाण है, बल्कि सभी बच्चों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा भी है। सही मार्गदर्शन, माता-पिता का समर्थन और निरंतर अभ्यास से कोई भी बच्चा अपने सपनों को साकार कर सकता है।







