कोरबा। मानिकपुर खदान में कार्यरत कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दो माह पूर्व कार्य से निकाले गए लगभग 80 ठेका कर्मचारियों ने एसईसीएल प्रबंधन पर सीधा दबाव बनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई तक सभी मजदूरों की बहाली नहीं हुई तो खदान का संचालन पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
ठेका कर्मचारियों का आरोप है कि खदान में स्थानीय भू-विस्थापितों को रोजगार देने के बजाय बाहरी मजदूरों को काम पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मई माह में प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें यह कहते हुए काम से हटा दिया कि ओवरबर्डन (OB) फेस पर बारिश का पानी भर गया है। मजदूरों ने इस स्थिति को केवल एक बहाना करार देते हुए कहा कि असल मंशा स्थानीय मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखाकर बाहरी लोगों को रोजगार देना है।
ठेका कर्मचारियों के अनुसार कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 1095 दिनों का वर्क ऑर्डर मिला है, जिसकी अवधि दिसंबर 2025 तक है। बावजूद इसके, मई 2025 में अचानक लगभग 80 मजदूरों जिनमें भारी वाहन चालक और हैवी मशीन ऑपरेटर शामिल हैं, को हटा दिया गया। मजदूरों ने सवाल उठाया कि जब ठेका समाप्त होने में सात महीने बाकी हैं, तो उन्हें क्यों निकाला गया?
मजदूरों का कहना है कि इस पूरे मामले में एसईसीएल प्रबंधन की भी भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसईसीएल की निगरानी के बावजूद निजी कंपनी मजदूरों के साथ मनमानी कर रही है और प्रबंधन आंख मूंदे बैठा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थानीय भू-विस्थापितों को प्राथमिकता नहीं दी गई और निकाले गए मजदूरों की तत्काल बहाली नहीं हुई तो 30 जुलाई को मानिकपुर खदान में ताला जड़ दिया जाएगा।







