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झारखंड

आतंकी शहनवाज के घर एनआईए की छापेमारी, प्रिंटर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जब्त

हजारीबाग । अक्टूबर 2023 में पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद शहनवाज के घर गुरुवार की सुबह पेलावल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दबिश दी। सुबह करीब छह बजे झारखंड एटीएस के साथ पहुंची एनआईए की टीम ने लगभग सात घंटे तक घर की तलाशी ली और उसके पिता सहित परिजनों से पूछताछ की। करीब दो बजे छापेमारी की प्रक्रिया समाप्त हुई। तलाशी के दौरान टीम आतंकी शहनवाज के घर से एक प्रिंटर और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज अपने साथ ले गई।

एनआईए की टीम तीन गाडिय़ों में पहुंची थी। अचानक हुई छापेमारी से पूरे पेलावल इलाके में हलचल मच गई। टीम ने घर के सदस्यों से बंद कमरे में पूछताछ की। सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल और एटीएस की टीम भी मौके पर तैनात रही। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी संदिग्ध आतंकी शहनवाज आलम से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत की गई है। ज्ञात हो कि शहनवाज को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अक्टूबर 2023 में पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार किया था। वह मूल रूप से हजारीबाग निवासी है। 2019 में वह हजारीबाग में डकैती और चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ कोर्रा थाना में लूट और छिनतई का मामला दर्ज है। 2020 में जमानत मिलने के बाद उसके आईएस मॉड्यूल से जुड़े होने के तथ्यों का खुलासा हुआ था। हिरासत से फरार होने के बाद एनआईए ने उस पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

बताया जाता है कि शाहनवाज आलम उर्फ सफीउज्जमा ने पुणे के जंगलों में आतंकी प्रशिक्षण भी लिया था। 2023 में रांची, लोहरदगा और हजारीबाग से एक रेडियोलॉजिस्ट की गिरफ्तारी भी इसी मामले से जुड़ी थी। मिले ताजा इनपुट के आधार पर एनआईए की टीम हजारीबाग पहुंची है। पूरी छापेमारी गोपनीय रखी गई और अधिकारी किसी भी जानकारी को साझा करने से बचते रहे। आतंकी शहनवाज के घर छापेमारी करने के लिए अहले सुबह करीब छह बजे पहुंची एनआईए की टीम अंधेरे में दिशा-भ्रम की शिकार हो गई। टीम ने शहनवाज के घर के बजाय पहले पड़ोसी दंत चिकित्सक डॉ. जमील के घर दस्तक दे दी।

एटीएस और एनआईए के साथ आई सीआरपीएफ की टीम ने पूरे घर को घेर लिया। जब परिजन बाहर आए और स्थिति स्पष्ट हुई, तो एनआईए के वरीय पदाधिकारी ने इसे चूक बताते हुए ‘सॉरी’ कहा और टीम वहां से शहनवाज के घर की ओर बढ़ गई। हालांकि तब तक इंटरनेट पर डॉ. जमील के घर छापेमारी की अफवाह फैल चुकी थी, जो दिनभर वायरल होती रही।

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