दिल्ली तक हिली धरती
अफगानिस्तान। अफगानिस्तान में रविवार रात 6.3 तीव्रता के आए भूकंप के झटकों से अफगानिस्तान समेत दिल्ली-एनसीआर तक धरती हिल उठी। अफगानिस्तान- पाकिस्तान बॉर्डर पर आए भूकंप से अफगाने में अब तक 250 लोगों की मौत की खबर है। वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल है। तालिबान शासन वाले इस पर्वतीय देश में राहत-बचाव कार्यों में देरी हो रही है। लिहाजा मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र (एपिसेंटर) धरती से 160 किमी नीचे था। इसके झटके पाकिस्तान के इस्लामाबाद और एबटाबाद तक महसूस किए गए। भारतीय समयानुसार यह रात 12ः47 बजे दर्ज किया गया। पहले झटके के बाद लगातार आफ्टरशॉक्स आते रहे। इसमें 4.7, 4.3 औऱ 5.0 तीव्रता के झटके महसूस किए गए।
भूकंप के बाद अभी भी लोग दहशत में हैं। भूकंप रविवार रात 12.47 बजे आया, पहले 6.0 की तीव्रता थी और इसके बाद 6.3 की तीव्रता का झटका लगा। अफगानिस्तान के नांगरहार जन स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने बताया कि भूकंप की वजह से नौ लोगों की मौत हुई है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हालांकि इसके बाद जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ गई। अब कुल 20 लोगों की जान जा चुकी है।
भूकंप को लेकर तालिबान प्रवक्ता ने क्या कहा
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दुख जाहिर किया है। उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, ”दुर्भाग्य से, आज रात आए भूकंप से हमारे कुछ पूर्वी प्रांतों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों के बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। केंद्र और आस-पास के प्रांतों से सहायता दल भी पहुंच रहे हैं।
क्रिकेट टीम के विकेटकीपर गुरबाज़ ने जताया दुख
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के विकेटकीपर और बैट्समैन रहमानुल्लाह गुरबाज़ ने सोशल मीडिया एक्स पर भूंकप को लेकर ट्वीट कर दुख जताया है। गुरबाज़ ने लिखा कि- अफ़ग़ानिस्तान के कुनार में आए दुखद भूकंप से बेहद दुखी हूं। मेरी प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। अल्लाह शहीदों को जन्नत, घायलों को स्वास्थ्य और सभी प्रभावितों को शक्ति प्रदान करे।
2023 में 4 हजार लोग मारे गए थे
इससे पहले अफगानिस्तान में 7 अक्टूबर 2023 को विनाशकारी भूकंप आया था। तालिबान सरकार ने इस भूकंप में 4 हजार मौतों का दावा किया था, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने 1500 मौतों की पुष्टि की थी।







