नई दिल्ली। रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कल से जीएसटी बचत उत्सव के शुरुआत का ऐलान किया है। उन्होंने देशवासियों को कल से शुरू होने वाले नवरात्रि उत्सव की भी शुभकामनाएं दी है। पीएम मोदी यह संबोधन नवरात्रि की पूर्व संध्या पर हो रहा है।
नवरात्रि के पहले दिन से जीएसटी दरों में कटौती लागू होगी और इससे बड़ी संख्या में उत्पादों की कीमतों में कमी आने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी समय-समय पर राष्ट्र को संबोधित करते रहे हैं। वर्ष 2016 में नोटबंदी का ऐलान भी उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन के जरिए दिया था। वहीं कोविड के दौरान लॉकडाउन का ऐलान भी उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि देश में कल यानी 22 सितंबर से ‘ जीएसटी बचत उत्सव’ शुरू होगा। इससे लोगों की बचत बढ़ेगी। वे अपनी पसंदीदा चीजें खरीद पाएंगे। जीएसटी बचत उत्सव से समाज के सभी वर्गों को फायदा होगा।
सरकार ने 4 सितंबर को ऑटोमोबाइल से लेकर दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं तक कई उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम करने की घोषणा की थी। यह जुलाई 2017 में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार है। नई प्रणाली को अक्सर जीएसटी 2.0 कहा जाता है। यह 5 फीसदी और 18 फीसदी की दो-स्लैब संरचना पेश करती है। इसमें केवल सुपर लक्जरी, सिन और डिमेरिट सामानों के लिए अतिरिक्त 40 फीसदी दर है। इन सुधारों को जीएसटी परिषद ने अपनी 56वीं बैठक में मंजूरी दी थी। इस पर केंद्र और राज्य सरकारें दोनों एकमत हुईं।
GST बचत उत्सव की शुरुआत ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका में भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगा है। इससे भारत की जीडीपी पर थोड़ा असर पड़ने की आशंका है। मोदी सरकार चाहती है कि इस प्रतिकूल असर की भरपाई देश में खपत बढ़ाकर की जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि भारत के साथ जल्द अमेरिका एक समझौता कर सकता है। उम्मीद है कि इसमें भारत पर लगे अतिरिक्त 25% टैरिफ से छूट मिल जाएगी। दोनों देश इस पर बात कर रहे हैं।
टैक्स के जंजाल से मुक्ति- मोदी ने कहा कि 2017 में जब भारत ने जीएसटी सुधार शुरू किया तो यह एक पुराने इतिहास को बदलने और नया इतिहास बनाने की शुरुआत थी। दशकों से हमारे देश के लोग और व्यापारी अलग-अलग टैक्स के जाल में फंसे हुए थे। चुंगी, प्रवेश कर, बिक्री कर, उत्पाद शुल्क, वैट, सेवा कर – ऐसे दर्जनों टैक्स हमारे देश में मौजूद थे। एक शहर से दूसरे शहर में सामान भेजने के लिए अनगिनत चेकपॉइंट पार करने पड़ते थे। नए जीएसटी टैक्स सुधार के तहत दैनिक जरूरत की चीजें, दवाएं और बीमा सस्ते हो जाएंगे। जीएसटी सुधार से हर परिवार में खुशियां आएंगी और भारत की विकास गाथा को रफ्तार मिलेगी।
आत्मनिर्भरता पर जोर- प्रधानमंत्री ने अपने बजट भाषण में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। उन्होंने देसी चीजों को इस्तेमाल करने का आह्वान किया। पीएम ने यहां तक ध्यान देने की जरूरत बताई है कि हम कंघी किसकी इस्तेमाल करते हैं। ट्रंप ने अमेरिका में जिस तरह का संरक्षणवादी रवैया अपना रखा है, यह उसका जवाब है। अमेरिका लगातार ऐसी नीतियां अपना रहा है जिससे भारत को नुकसान हो रहा है। एच1-बी वीजा फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी का फैसला भी उनमें से एक है। इसे बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर यानी करीब 88 लाख रुपये कर दिया गया है।
अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ से लोगों को फायदा होगा। वे अपनी पसंद की चीजें खरीद पाएंगे। इससे देश के सभी लोगों को फायदा होगा। सरकार ने 4 सितंबर को कुछ चीजों पर जीएसटी कम कर दिया था। इससे गाड़ियां और रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी। यह जीएसटी में सबसे बड़ा बदलाव है। मोदी ने कहा कि यह सुधार केंद्र और राज्यों के मिलकर काम करने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि नए टैक्स सिस्टम से चीजें सस्ती होंगी। इससे कारोबार बढ़ेगा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
पीएम मोदी ने दिया नागरिक देवो भव: का मंत्र- पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “नागरिक देवो भव: के जिस मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जीएसटी नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म में इसकी झलक दिखाई देगी। इनकम टैक्स और जीएसटी को लेकर एक साल में जो फैसले हुए हैं इससे देश के लोगों को ढाई लाख करोड़ से ज्यादा की बचत होगी। विकसित भारत के लक्ष्य के रास्ते पर चलने के लिए हमें आत्म निर्भर बनना ही होगा।”







