बिलासपुर। ग्राम पंचायत कुली में तालाब का 10 वर्षीय पट्टा वितरण को लेकर रविवार की दोपहर एवं रात्रि में दो अलग-अलग घटनाओं में बवाल मच गया। पहले पंचायत भवन में आयोजित बैठक के दौरान गांव के ही सरदार सिंह ठाकुर ने पंचायत सचिव राम सोनी से विवाद करते हुए अश्लील गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी दी, वहीं रात्रि में सरपंच बलराम वस्त्रकार के घर पर हमला कर मारपीट की गई। पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कुली में तालाब के 10 वर्षीय पट्टा वितरण को लेकर पंचायत द्वारा 13 जुलाई की दोपहर 1.30 बजे ग्राम सभा बुलाई गई थी। बैठक में पंचायत सचिव राम सोनी द्वारा गांव वालों को जानकारी दी जा रही थी। तभी गांव के सरदार सिंह ठाकुर ने 10 वर्ष की बजाय केवल 5 वर्ष के लिए पट्टा देने की बात पर जोर देते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सचिव द्वारा शासन के निर्देशों का हवाला देने पर सरदार सिंह ने मां बहन की गाली गलौच करते हुए सचिव समेत सरपंच, उपसरपंच एवं पंचों को भी अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। दोपहर की घटना के बाद शाम होते ही मामले ने उग्र रूप ले लिया। सरपंच बलराम प्रसाद वस्त्रकार ने रिपोर्ट में बताया कि रात करीब 9 बजे वे अपने घर पर थे। तभी उनके भांजे ब्रजेश वस्त्रकार ने फोन पर सूचना दी कि सरदार सिंह उन्हें धमकी दे रहा है। सरपंच जब अपने बड़े भाई, भांजा और पंचायत सचिव के साथ ब्रजेश के घर पहुंचे, तभी उनकी पत्नी का फोन आया कि कुछ लोग उनके घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए हैं और गाली गलौच कर रहे हैं। जब सरपंच सचिव और अन्य लोग वहां पहुचे तो देखा कि सरदार सिंह, चंद्रमणि ठाकुर उर्फ मोना और सतीष ठाकुर उर्फ सत्तू पहले से घर के अंदर मौजूद थे और दरवाजा टूटा हुआ था। सभी ने मिलकर सचिव राम सोनी के सिर पर लोहे के औजार और पंच से हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। बीच बचाव करने आए देवेश वस्त्रकार को भी चोट आई। घायल सचिव को तत्काल बीटीआरसी अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया। जहां इलाज जारी है।
थाना सीपत पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरपंच बलराम वस्त्रकार की शिकायत पर सरदार सिंह ठाकुर, चंद्रमणि ठाकुर, सतीष ठाकुर के खिलाफ धारा 115, 296, 331, 351 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं पंचायत सचिव राम सोनी की रिपोर्ट पर अलग से सरदार सिंह पर 296, 351 के तहत प्रकरण कायम किया गया है। ग्राम पंचायत से जुड़े दो प्रमुख लोगों पर हमला, सरकारी बैठक में बाधा डालने की घटना से गांव में तनाव का माहौल है। पुंलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पीड़ितों के बयान के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।







