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छत्तीसगढ़

न ही मिली जमीन और न ही नौकरी, किसान दर-दर भटकने मजबूर

जांजगीर-चांपा। चांपा थाना क्षेत्र से लगे छत्तीसगढ़ स्टील एवं पावर लिमिटेड अमझर प्रबंधन के द्वारा एक किसान पर फ्रॉड का मामला सामने आया है। इतेफाइको प्लांट प्रबंधन ने किसान की जमीन तो ले ली, लेकिन न तो उसके बेटे की नौकरी लगा रहा है और न ही जमीन वापस कर रहा है। अब पीड़ित ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। अब किसान दर-दर भटकने मजबूर है।

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ स्टील एवं पावर लिमिटेड अमझर प्लांट ने एक किसान के साथ नाइंसाफी करने को आमादा है। किसान की भूमि को अपने नाम रजिस्ट्री करा ली, लेकिन उसके बेटे को नौकरी देने आनाकानी कर रहा है। दरअसल प्लांट से लगे महुदा गांव का किसान सुरेंद्र कुमार साहू का प्लांट से सटे इलाके में 11 डिसमिल जमीन थी, जिसका खसरा नंबर 477 कुल रकबा 0.045 हेक्टेयर यानी 11 डिसमिल जमीन को प्लांट प्रबंधन द्वारा पानी के मोल यानी 7 हजार रुपए डिसमिल के हिसाब से 77 हजार रुपए में रजिस्ट्री करा लिया। सुरेंद्र साहू की शर्त थी कि इस जमीन के एवज में उसके बेटे भूपेश कुमार साहू को नौकरी दी जाए। प्लांट प्रबंधन ने इस शर्त को मानकर किसान की जमीन की रजिस्ट्री तो करा ली, लेकिन उसे आज तक किसी तरह की नौकरी नहीं मिली। इससे किसान परेशान है।

दबाव में रजिस्ट्री रद्द करने की बात कही

पीड़ित किसान 24 नवंबर को उसकी जमीन की रजिस्ट्री को रद्द करने के लिए रजिस्टार आफिस चांपा बुलाया था। इस दौरान प्लांट प्रबंधन ने रजिस्ट्री खर्च की राशि किसान से मांगी, लेकिन किसान ने तो अपनी भूमि का पैसा पाया ही नहीं। प्लांट प्रबंधन ने जो चेक दिया था वह चेक भी बाउंस हो गया था। प्लांट प्रबंधन की ओर से कारखाना प्रबंधक मनोज कुमार सिंह एवं प्लांट मैनेजर आकाश कुमार पाठक सहित अन्य अब रजिस्ट्री को रद्द करने से भी इनकार किया गया। ऐसे में किसान की जमीन भी चली गई और उसके बेटे को नौकरी भी नहीं मिली।

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