कोरबा। महिला एवं बाल विकास विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कोरबा जिले के बाल संप्रेक्षण गृह से चार किशोरों के फरार होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। यह घटना इसलिए और गंभीर हो जाती है क्योंकि यह नए भवन में शिफ्टिंग के महज दो दिन बाद ही हुई है। इससे पहले बालको में शिफ्ट किए गए भवन में भी शिफ्टिंग की रात ही दो बाल अपराधी फरार हो गए थे।
फिर टूटा रौशनदान, फिर हुई भागने की घटना
नए भवन को कोहड़िया में दो दिन पहले ही उपयोग में लाया गया था, लेकिन रविवार सुबह करीब 7 बजे, चार किशोर बाथरूम का रौशनदान तोड़कर फरार हो गए। सभी किशोर जांजगीर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और चोरी जैसे मामलों में पहले भी चार बार बाल संप्रेक्षण गृह भेजे जा चुके हैं। यानी वे आदतन अपराधी हैं।
पहले बालको, अब कोहड़िया – जगह बदली, हालात नहीं
कोरबा में बाल सुधार गृह का यह कोई पहला मामला नहीं है। पहले रिस्दी में किराये के भवन में भारी अव्यवस्थाएं सामने आईं। इसके बाद इसे बालको स्थित पुराने पुलिस भवन में शिफ्ट किया गया, लेकिन वहां भी उद्घाटन की रात दो बालक फरार हो गए। अब, महज दो महीने में इसे कोहड़िया में 25 लाख की लागत से जीर्णोद्धार कर शिफ्ट किया गया, और फिर दो दिन बाद ही 4 बालक फरार हो गए।
अधीक्षक छुट्टी पर, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा
इस नए भवन की अधीक्षक दुर्गेश्वरी पांडे थीं, जो भवन शिफ्ट होने के अगले ही दिन छुट्टी पर चली गईं। उन्होंने सफाई दी कि उनके मामा का निधन हो गया था, इसलिए बिलासपुर गई थीं। लेकिन सुरक्षा में खामियों पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार किया।
प्रशासनिक खामियों की लंबी फेहरिस्त
फरार हुए किशोरों ने रौशनदान के कमजोर हिस्से की पहचान कर योजनाबद्ध ढंग से भागने की साजिश रची।
सुरक्षा के लिए तीन शिफ्ट में सिर्फ तीन गार्ड तैनात हैं, जो इस तरह की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहे।
नए भवन का पूर्व निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को भी सुरक्षा खामियां नहीं दिखीं, जो हैरानी की बात है।
पहले भी वायरल हो चुका है बालक गृह का वीडियो
कुछ महीने पहले कोरबा के बाल गृह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक किशोर ‘डॉन’ की तरह इंस्टाग्राम रील में नजर आया था। यह वीडियो हाउस फादर के तौर पर कार्यरत एक महिला कर्मी सरिता बैरागी के मोबाइल से बनाया गया बताया गया। सरिता के नशे की हालत में रहने की भी शिकायतें थीं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर उसे सिर्फ जिला बाल संरक्षण इकाई में अटैच कर दिया गया।
फरार किशोरों की तलाश में सीएसईबी पुलिस को सूचना दे दी गई है। भवन की सुरक्षा दोबारा कड़ी करने की कवायद शुरू हो गई है। लेकिन यह साफ है कि विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं, सिर्फ स्थानांतरण हुआ है।







