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पीएम मोदी ने आरबीआई के डेटा सेंटर का किया उद्घाटन, जानें क्या कहा

भुवनेश्वर। रविवार को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के एक दिवसीय दौरे के दौरान खुर्दा जिले के जटनी स्थित इन्फो वैली-द्वितीय में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड डाटा सेंटर का उद्घाटन किया।

इसके साथ ही साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का भी उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ब्रजमोहन राम, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव प्रमुख उपस्थित रहे।

करीब 169 करोड़ रुपये की लागत से 18.55 एकड़ भूमि पर इस डाटा सेंटर का निर्माण किया गया है। नवी मुंबई के बाद यह आरबीआई का दूसरा डाटा सेंटर है। इसके शुरू होने से देश के डिजिटल वित्तीय ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साइबर हमलों और तकनीकी गड़बड़ियों की स्थिति में भी बैंकिंग सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डाटा सेंटर में क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और बिग डाटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

साइबर सुरक्षा की दी जाएगी ट्रेनिंग

वहीं, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से देश की डिजिटल वित्तीय प्रणाली को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञता और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर राजधानी भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कमिश्नरेट पुलिस की ओर से 57 प्लाटून पुलिस बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की पांच प्लाटून तैनात की गई थीं। प्रधानमंत्री के आवागमन को सुचारु बनाने के लिए भुवनेश्वर में यातायात पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे।

इस डाटा सेंटर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई), नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों से होने वाले लेनदेन से संबंधित सूचनाओं को सुरक्षित रखा जाएगा।

आरबीआई के नए डेटा सेंटर से देश को क्या फायदा होगा?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भुवनेश्वर में डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन ओडिशा और पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित, सक्रिय प्रशासन और सुशासन के मॉडल पर काम कर रही है। उनके मुताबिक, देश का विकास तभी संतुलित होगा, जब गांवों और छोटे शहरों को भी आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। आरबीआई का यह नया केंद्र डिजिटल वित्तीय सेवाओं को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और प्रभावी बनाने में मदद करेगा। इससे देश की महत्वपूर्ण बैंकिंग और भुगतान प्रणालियों को संचालित करने के लिए सुरक्षित तकनीकी आधार मिलेगा।

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