भुवनेश्वर/ओडिशा। जब बच्चे सीखने के लिए सशक्त होते हैं, तो उनके समुदाय विकास, प्रगति और समृद्धि की बेहतर स्थिति में होते हैं। इस सफर में सहयोग करते हुए, भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा में अपने माइनिंग ऑपरेशन्स के आस-पास रहने वाले 3,000 से ज़्यादा छात्रों को स्कूल बैग, पानी की बोतलें और पढ़ाई-लिखाई का अन्य ज़रूरी सामान बांटा है। यह पहल वेदांता एल्युमीनियम कोल माइन्स के प्रमुख शिक्षा कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट विद्या’ के तहत शुरू की गई थी, जो सीखने के संसाधनों, शैक्षणिक सहायता और स्कूल-आधारित प्रयासों के ज़रिए बच्चों की मदद करता है।
पश्चिमी ओडिशा के कुरालोई, जामखानी और घोगरपल्ली में शुरू की गई इस पहल से यह पक्का करने में मदद मिल रही है कि बच्चों के पास स्कूल में ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ भाग लेने के लिए ज़रूरी संसाधन हों। हाल ही में, कुरालोई के बंजारी आश्रम स्कूल के 136 छात्रों को स्कूल बैग, पानी की बोतलें, नोटबुक और ज्योमेट्री बॉक्स मिले, जबकि जामखानी और घोगरपल्ली के 12 आंगनवाड़ी केंद्रों में 144 बच्चों को लर्निंग एड किट बांटी गईं।
इस तरह, इस पहल के तहत अब तक 3,000 से ज़्यादा छात्रों को मदद पहुंचाने का मील का पत्थर हासिल किया गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और प्री-स्कूल में सीखने वाले बच्चों, दोनों को सहयोग देकर वेदांता एल्युमीनियम कोल माइन्स अपने आस-पास के समुदायों में शिक्षा तक पहुंच को बेहतर बनाने में मदद कर रही है। इस पहल के बारे में बात करते हुए, वेदांता एल्युमीनियम कोल माइन्स के CEO, अमरेश कुमार ने कहा, “शिक्षा सामाजिक और आर्थिक तरक्की का सबसे मज़बूत ज़रिया है। जब बच्चों को अच्छी शिक्षा के मौके मिलते हैं, तो वे अपने सपनों को पूरा करने, समाज में अहम योगदान देने और अपने व अपने समुदाय के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो पाते हैं। ‘प्रोजेक्ट विद्या’ के ज़रिए, हम बच्चों की शुरुआती शिक्षा और स्कूल के लिए तैयारी से लेकर क्लासरूम में पढ़ाई और एकेडमिक सपोर्ट तक, सीखने के सफ़र के हर चरण को मज़बूत करने के लिए काम कर रहे हैं। शिक्षा में निवेश करके, हम न सिर्फ़ अलग-अलग छात्रों की मदद कर रहे हैं, बल्कि मज़बूत और सक्षम समुदाय बनाने में भी मदद कर रहे हैं जो आने वाली पीढ़ियों तक तरक्की कर सकें।”
अपना अनुभव बताते हुए, कुरालोई के बंजारी SSD हाई स्कूल के एक छात्र के अभिभावक, देबानंद कराली ने कहा, “स्कूल बैग और पढ़ाई का सामान मेरे बच्चे की पढ़ाई और रोज़ाना की स्कूल गतिविधियों के लिए बहुत काम आएगा। इन चीज़ों के मिलने से वह रेगुलर क्लास में जाने और अपनी पढ़ाई पर ज़्यादा ध्यान देने के लिए प्रेरित हुई है। मैं वेदांता एल्युमीनियम कोल माइन्स का शुक्रगुज़ार हूँ कि वे उसके जैसे छात्रों का साथ दे रहे हैं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।”
शुरुआत से ही, ‘प्रोजेक्ट विद्या’ ने कुरालोई, जामखानी और घोगरपल्ली में 37,000 से ज़्यादा छात्रों पर सकारात्मक असर डाला है। इसके तहत सीखने के हर चरण में मदद करने वाली पहलें की गई हैं। इनमें सरकारी स्कूलों में 21 और टीचरों की नियुक्ति, आंगनवाड़ी सेंटरों को मदद, पढ़ाई में मदद करने वाली चीज़ें, रेफरेंस किताबें, क्लासरूम का इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल, विज्ञान व जागरूकता गतिविधियों के ज़रिए सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने वाले प्रोग्राम शामिल हैं।
यह पहल वेदांता एल्युमीनियम कोल माइन्स के बड़े कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रयासों का एक अहम हिस्सा है। इन प्रयासों ने शिक्षा, हेल्थकेयर, आजीविका और सामाजिक विकास से जुड़े प्रोग्रामों के ज़रिए झारसुगुड़ा और सुंदरगढ़ ज़िलों के 26 गांवों में 2 लाख से ज़्यादा लोगों पर सकारात्मक असर डाला है। लोगों और समुदायों में लगातार निवेश के ज़रिए, कंपनी लंबे समय तक चलने वाला सामाजिक प्रभाव पैदा करने और अपने आस-पास के इलाकों में समावेशी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।







