6 साल बाद बैंक अधिकारी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद, फॉरेंसिक जांच से साजिश का पर्दाफाश
इंदौर। मध्य प्रदेश के चर्चित शिवानी हत्याकांड में जिला अदालत ने आरोपी पति अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई है। करीब साढ़े छह साल तक चले इस हाई-प्रोफाइल मामले में अदालत ने माना कि आरोपी ने पत्नी की हत्या के बाद उसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की साजिश रची थी।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि बैंक अधिकारी अमितेष पटेरिया किसी दूसरी महिला के साथ संबंध में था। आरोप है कि पत्नी शिवानी को रास्ते से हटाने के लिए उसने पहले से पूरी योजना बनाई।
पहले हत्या, फिर ‘सांप काटने’ का नाटक
अभियोजन के अनुसार, आरोपी राजस्थान से एक जहरीला कोबरा लेकर आया। घटना के दिन उसने कथित तौर पर पहले तकिए से पत्नी का दम घोंटकर हत्या की और बाद में इसे सांप के काटने से हुई मौत जैसा दिखाने की कोशिश की।
फॉरेंसिक जांच ने खोली साजिश
मामले की जांच के दौरान फॉरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मृतका के शरीर में सांप के जहर के कोई प्रमाण नहीं मिले। मेडिकल जांच में मौत का कारण दम घुटना पाया गया। घटनास्थल से मिले अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी हत्या की ओर इशारा किया।
कॉल रिकॉर्डिंग बना अहम सबूत
सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी और उसकी बहन के बीच हुई कथित बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सहित कई साक्ष्य अदालत में पेश किए। इन्हीं सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
उम्रकैद के साथ अतिरिक्त सजा
अदालत ने अमितेष पटेरिया को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा संरक्षित वन्यजीव की अवैध हत्या से जुड़े मामले में 3 वर्ष की अतिरिक्त सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।







