मानसून का आगमन हो गया है और झमाझम बारिश भी शुरू हो गई है। बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लेकर आता है। इस दौरान पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में आयुर्वेद कुछ आसान आदतें अपनाने की सलाह देता है, जो पूरे मौसम में शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखने में मदद कर सकती हैं।
सबसे पहले, इस मौसम में हमेशा उबालकर या गुनगुना पानी पीने की कोशिश करें। उबला हुआ पानी पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है और पानी में मौजूद अशुद्धियों का खतरा भी कम हो जाता है। बहुत ठंडे ड्रिंक्स की बजाय हल्का गर्म पानी पीना शरीर के लिए अधिक लाभकारी माना जाता है।
Stay healthy this monsoon with simple Ayurvedic habits. Drink boiled water, eat wholesome grains, consume honey in moderation, and practice regular oil massage to support your well-being all season long.#MonsoonWellness #Ayurveda #Ritucharya #HealthyMonsoon #AyushForAll… pic.twitter.com/gbk1tl87m4
— Ministry of Ayush (@moayush) July 3, 2026
खानपान पर विशेष ध्यान देना भी जरूरी है। मानसून में हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन करें। साबुत अनाज जैसे जौ, पुराना चावल, गेहूं और मूंग जैसी दालों को अपने भोजन में शामिल करें। ये शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ-साथ पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं डालते। बासी, तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन से जितना हो सके बचें।
आयुर्वेद के अनुसार, सीमित मात्रा में शहद का सेवन भी इस मौसम में लाभदायक हो सकता है। शहद का उपयोग संतुलित मात्रा में करें और इसे कभी भी बहुत गर्म पानी या गर्म खाद्य पदार्थों के साथ न लें। इसका सेवन हमेशा संयम के साथ करना चाहिए।
मानसून में शरीर की नियमित तेल मालिश यानी अभ्यंग भी एक अच्छी आदत मानी जाती है। तिल के तेल या अपनी प्रकृति के अनुसार उपयुक्त तेल से हल्की मालिश करने से त्वचा को पोषण मिलता है, शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और थकान कम महसूस हो सकती है। मालिश के बाद गुनगुने पानी से स्नान करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
इसके अलावा, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बाहर का खुला या अस्वच्छ भोजन खाने से बचें। ताजे फल और सब्जियां अच्छी तरह धोकर ही खाएं। पर्याप्त नींद लें और हल्का व्यायाम, योग या प्राणायाम अपनी दिनचर्या में शामिल करें। इससे शरीर सक्रिय रहता है और मानसिक तनाव भी कम होता है।
याद रखें कि स्वस्थ रहने के लिए किसी एक बड़े बदलाव की नहीं, बल्कि छोटी-छोटी अच्छी आदतों की जरूरत होती है। यदि आप मानसून के दौरान उबला हुआ पानी पीने, पौष्टिक और हल्का भोजन करने, सीमित मात्रा में शहद का सेवन करने तथा नियमित तेल मालिश जैसी सरल आयुर्वेदिक आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं, तो पूरे मौसम में खुद को अधिक स्वस्थ, ऊर्जावान और संतुलित महसूस कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।







