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उत्तर प्रदेश

यूपी का अनोखा गांव, जहां शादी के बाद घर जमाई बनकर रहता है दामाद

कानपुर देहात । कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित दमादनपुरवा गांव में एक अनोखी परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। 1970 में शुरू हुई इस प्रथा के तहत दूल्हा शादी के बाद घर जमाई बनकर रहता है अभी दो दामाद यहां मौजूदा समय पर रह रहे हैं, हालांकि समय के बाद अब इस चलन में परिवर्तन हुआ है। दामादों के बसने के कारण ही इस गांव का नाम दमादनपुरवा पड़ा।

सरियापुर ग्राम पंचायत के मजरा दमादनपुरवा की आबादी करीब 350 होगी, 1970 में राजरानी नाम की युवती का विवाह यहां सांवरे कठेरिया से हुआ तो राजरानी के माता पिता की शर्त थी कि दामाद यहीं पर रह जाए व पूरी संपत्ति संभाले।

इसके बाद यही चलन बाकी परिवारों में भी हो गया, जो घर जमाई बना उसने यहीं गृहस्थी बसा ली व आसपास खाली जमीनों पर भी निर्माण कर रोजी रोटी का जुगाड़ करने लगे। यहां प्राथमिक विद्यालय है वह भी दमादनपुरवा प्राथमिक विद्यालय के नाम से है। अब कुछ चलन बदल रहा है, लेकिन अभी भी यहां पर दामाद आकर बसते हैं व दो दामाद यहां अभी रह रहे हैं।

वहीं कुछ काम की तलाश में बाहर जिले व प्रदेश का रुख कर गए हैं। ग्रामीण बताते हैं पहले खेती किसानी से काम चल जाता था, लेकिन समय के साथ अब पैसे की अधिक आवश्यकता जरूरत पूरा करने को होती है इसके चलते कुछ लोग बाहर काम की तलाश में चले गए हैं।

रामदयाल, सुरेश व जसवंत ने बताया कि कई साल तक यह चलन रहा फिर समय बदला तो लोगों ने यहां घरजमाई बनने से इन्कार भी किया और अपने घरों पर रहे। दामादों के बसने के कारण ही इसका नाम दमादनपुरवा पड़ गया जो कि प्राथमिक विद्यालय व सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज है। वहीं आज के युवा अब इस गांव का नाम बदलने की इच्छा रखते हैं कि नाम बदल जाए तो उनको ठीक लगे।

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