धनतेरस के त्योहार से ही 5 दिवसीय दिवाली पर्व की शुरुआत हो जाती है और इन पाचों दिनों ही दीपक जलाने का विशेष महत्व माना जाता है। बात अगर धनतेरस की करें तो इस दिन वैसे आप अपनी इच्छानुसार 11, 21 या 51 कितने भी दीये जला सकते हैं, लेकिन हिंदू मान्यता के अनुसार धनतेरस की शाम को 13 दीये जलाने का खास महत्व होता है। कहते हैं जो कोई धनतेरस पर 13 दीपक जलाता है उसके जीवन में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है। चलिए अब आपको बताते हैं धनतेरस के दिन 13 दीपक कहां-कहां जलाने चाहिए और दिए जलाने का समय क्या रहेगा।
धनतेरस के दिन दीये जलाने का समय 2025 – धनतेरस के दिन दीया जलाने का समय शाम 07:16 से 08:20 तक रहेगा। लेकिन यम का दीया शाम 05:48 से शाम 07:04 बजे के बीच जलाया जाएगा।
धनतेरस पर 13 दिए जलाने का महत्व- कहते हैं धनतेरस के दिन 13 दिए जलाने से घर में सुख-शांति आती है और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इन 13 दीपक में से पहला दीया यम देवता के लिए तो दूसरा दीया माता लक्ष्मी के लिए जलाया जाता है। इसी प्रकार दो दीये घर के मेन गेट पर रखे जाते हैं। एक दीया तुलसी माता के पास रखा जाता है। इसके बाद एक दीया ब्रह्म स्थान यानि घर के बीचों बीच रखते हैं और बाकी दिये को घर के विभिन्न कोने में रखा जाता है।
धनतेरस पर 13 दीया कहां-कहां रखें
| पहला दीया | घर के बाहर दक्षिण दिशा की तरफ यमराज के नाम से जलाएं |
| दूसरा दीया | पूजा घर में माता लक्ष्मी सहित समस्त देवी-देवताओं के लिए |
| तीसरा दीया | परिवार को बुरी नजर से बचाने के लिए घर के मुख्य द्वार |
| चौथा दीया | तुलसी जी के पास |
| पांचवा दीया | घर की छत पर |
| छठा दीया | पीपल के पेड़ के नीचे |
| सातवां दीया | पड़ोस के किसी भी मंदिर में जला दें |
| आठवां दीया | कूड़े के पास |
| नौवा दीया | वॉशरूम के बाहर |
| दसवां दीया | खिड़कियों के पास |
| ग्यारहवां दीया | रसोई घर में |
| बारहवां दीया | बेल के वृक्ष के नीचे |
| तेरहवां दीया | ब्रह्म स्थान यानि घर के बीचों बीच |
धनतेरस पर दीपक जलाने का मंत्र – ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
डिस्क्लेमर : उक्त लेख धार्मिक व लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए Today Studio उत्तरदायी नहीं है।







