धनतेरस, छोटी दिवाली, दीपावली के बाद अब गोवर्धन पूजा मनाया जाएगा। गोवर्धन पूजा का त्यौहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग गोवर्धन बनाकर उसकी पूजा करते हैं। अमूमन ये त्यौहार दीवाली के अगले दिन पड़ता है लेकिन कभी-कभी दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच एक दिन का अन्तराल हो जाता है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। गोवर्धन पूजा का त्योहार भगवान कृष्ण द्वारा इंद्रदेव को पराजित किये जाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। जानिए इस साल गोवर्धन पूजा कब है।
गोवर्धन पूजा 2025 तिथि व मुहूर्त – गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर बुधवार को है, तो वहीं गोवर्धन पूजा का प्रातःकाल मुहूर्त सुबह 06:30 से 08:47 बजे तक रहेगा। गोवर्धन पूजा का सायाह्नकाल मुहूर्त दोपहर 03:36 से 05:52 बजे तक रहेगा।
गोवर्धन पूजा की सामग्री – रोली, अक्षत, चावल, बताशा, नैवेद्य, मिठाई, खीर,सरसों के तेल का दीपक, फूल, दही, शहद, धूप-दीप, कलश, केसर, फूल की माला, कृष्ण जी की प्रतिमा या तस्वीर, गाय का गोबर गोवर्धन पर्वत की फोटो, गंगाजल, पान, गोवर्धन पूजा की कथा की किताब।
पूजा विधि – गोवर्धन पूजा सुबह या शाम कभी भी कर सकते हैं। इस दिन गाय के गोबर से गोवर्धन महाराज की आकृति बनाई जाती है और फिर इसे फूलों से सजाया जाता है। बनाए गए गोवर्धन की नाभि पर एक मिट्टी का दीपक रखा जाता है और इस दीपक में दही, शहद, बताशे, दूध, गंगा जल आदि चीजें डाली जाती हैं। गोवर्धन पूजा के समय लोटे से जल गिराते हुए और जौ बोते हुए 7 बार परिक्रमा की जाती है। इस दिन गाय, बैल और खेती में काम आने वाले पशुओं की भी पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।
Disclaimer: उक्त लेख धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए Today Studio उत्तरदायी नहीं है।







