Ganesh Utsav: गणेशोत्सव कल से प्रारंभ होने जा रहा है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से गणेश उत्सव की शुरुआत होती है। इस वर्ष गणेश उत्सव की शुरुआत 19 सितंबर यानी मंगलवार से हो रही है। इस दौरान 10 दिनों तक गणपति जी की पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं अनंत चतुर्दशी के दिन इस उत्सव का समापन होगा।
गणेश उत्सव का पर्व हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। गणपति बप्पा बुद्धि और शुभता के देवता हैं। उन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है, उनका हर नाम बहुत चमत्कारी है। कहा जाता है कि जिस जगह पर बप्पा विराजते हैं वहां हर समय सुख-समृद्धि रहती है। गणेश स्थापना का शुभ समय 19 सितंबर 2023 को सुबह 11 बजकर 07 मिनट से दोपहर 01 बजकर 34 मिनट तक है।
0 पूजा विधि
गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना से पहले पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ कर लें, फिर पूजा की चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाकर गणपति बप्पा को चौकी पर स्थापित करें। अब गणेश जी पर दूर्वा से गंगाजल छिड़कें, उन्हें हल्दी, चावल, चंदन, गुलाब, सिंदूर, मौली, दूर्वा, जनेऊ, मिठाई, मोदक, फल, माला और फूल अर्पित करें। अब गणपति बप्पा के साथ-साथ शिव जी और माता पार्वती की भी पूजा करें। फिर लड्डू या मोदक का भोग लगाएं और आरती करें। इसी तरह 10 दिन तक सुबह शाम पूजा और आरती करें।







