आज देशभर में दीपावली त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। दीपावली की शाम को प्रदोषकाल में कुबेर भगवान, गणेश जी और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है इस दिन विधि-विधान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने से शुभता का वास होता है। दिवाली पर पूजा में लक्ष्मी आरती करने का विशेष महत्व होता है।
पंचांग के अनुसार, हर वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को दीपावली मनाई जाती है। धनतेरस से इस पर्व की शुरुआत होती है जो भाईदूज तक चलता है। दिवाली पर घरों को रौशनी से सजाया जाता है। दिवाली की रात को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने का विशेष महत्व होता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान के साथ पूजा करने से धन की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। दीपावली की शाम को प्रदोषकाल में कुबेर भगवान, गणेश जी और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है इस दिन विधि-विधान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में शुभता का वास होता है। दिवाली पर पूजा में लक्ष्मी आरती करने का विशेष महत्व होता है। आरती करने से मां लक्ष्मी बहुत ही प्रसन्न होती हैं जिससे घर में सुख, धन, वैभव और सुख-शांति आती है। आइए जानते हैं माता लक्ष्मी की संपूर्ण आरती।
माता लक्ष्मी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
उमा ,रमा,ब्रम्हाणी, तुम हीजग माता |
सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥
.ॐ जय लक्ष्मी माता….
दुर्गारुप निरंजन, सुख संपत्ति दाता |
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि सिद्धी धन पाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
तुम पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता |
कर्मप्रभाव प्रकाशनी, भवनिधि की त्राता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
जिस घर में तुम रहती, सबसद् गुण आता|
सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
तुम बिन यज्ञ ना होवे, वस्त्र न कोई पाता |
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
शुभ गुण मंदिर सुंदर क्षीरोदधि जाता|
रत्न चतुर्दश तुम बिन ,कोई नहीं पाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
महालक्ष्मी जी की आरती ,जो कोई नर गाता |
उर आंनद समाता,पाप उतर जाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…







