रायगढ़। बीती रात हाथियों के दल को हो हल्ला कर भगा रहे ग्रामीणों को एक हाथी ने दौड़ाया। भागते वक्त एक युवक गिर गया और देखते ही देखते हाथी उसके करीब आ गया। उसी समय वन विभाग और हाथी मित्र दल देवदूत बन कर पहुंचे तब जाकर युवक की जान बच सकी। पूरा मामला छाल रेंज का है।
मिली जानकारी के अनुसार बीती रात घरघोड़ा रेंज में पिछले दिनों से विचरण कर रहे 48 हाथियों के छाल रेंज के एडूकला गांव होते हुए लोटान गाँव की तरफ आने की सूचना वन विभाग के अलावा हाथी मित्र दल की टीम तक पहुंची थी। इसी बीच हाथियों का यह दल जब देउरमार में प्रवेश कर रहा था तभी देउरमार के ग्रामीणों की भीड़ जंगली हाथियों को लगातार शोरगुल मचाकर कर जंगल की ओर भगाने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान वन विभाग और मित्र दल की टीम ने गाँव के ग्रामीणों को समझाया कि सभी अपने अपने घर चले जाएं, शोरगुल करने पर हाथी उग्र हो जाते हैं।
बाल बाल बची पवन कुमार की जान- 48 जंगली हाथियों के दल को गाँव के ग्रामीण भगा रहे थे, तभी दल में से एक हाथी उग्र होकर वापस मुडकर ग्रामीणों को दौड़ाने लगा। जिससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई, जान बचाने लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी बीच पवन कुमार राठिया 21 साल, जमीन पर गिर गया और हाथी उसके समीप पहुंच गया, तभी वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम पवन कुमार के लिए देवदूत बनकर पहुंची और किसी तरह हाथी को उससे दूर भगाया, परन्तु तब तक हाथी के हमले से वह घायल हो चुका था। घायल को देर रात शासकीय वाहन से ईलाज के लिए पी.एच. सी. छाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से आज सुबह उसे बेहतर इलाज के लिए खरसिया अस्पताल रिफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। फिलहाल बीती रात वन विभाग और हाथी मित्रदल की तत्परता से किसी तरह युवक की जान बच गई।
वन विभाग के एसडीओ बाल गोविन्द साहू, छाल रेंजर राजेश चौहान के अलावा हाथी मित्र दल की टीम गाँव के ग्रामीणों को लगातार वन्यप्राणी जंगली हाथियों के समीप न जाने, उसे न भगाने की लगातार समझाईश दी जा रही है एवं वन्यप्राणी जंगली हाथियों के प्रत्येक गत्तिविधियों की जानकारी ग्रामीणों को विभिन्न माध्यमों से दी जा रही है।







