शिमला। हिमाचल प्रदेश में सोमवार रात 17 जगह बादल फटे हैं। सोमवार की रात को आसमान से आफत बरसी। नींद में सोए लोगों पर कहर इस कदर बरपा कि देखते ही देखते सैलाब सबकुछ बहा ले गया। आखों में आसुओं की बाढ़ आ गई। मंडी जिले में 15 और कुल्लू और किन्नौर जिले में एक-एक जगह बादल फटा है। मंडी जिले में बारिश, बादल फटने और ब्यास नदी व नालों के रौद्र रूप से भारी तबाही मची है।
मंडी जिले में मंगलवार को बादल फटने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। गोहर, करसोग, थुनाग व धर्मपुर उपमंडल में सात स्थानों पर बादल फटने से मकान जमींदोज होने व बाढ़ के पानी में बहने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग लापता हैं। गोहर उपमंडल में पांच, सराज में चार व करसोग में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
332 लोगों को जगह-जगह से रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई गई है। अकेले मंडी जिले में 24 घर और 12 गोशालाएं जमींदोज हो गई हैं। 30 पशुओं की मौत हो गई है। कुकलाह के समीप पटीकरी प्रोजेक्ट बह गया है। एक पुल ध्वस्त हो गया है। उधर, सोमवार रात ब्यास नदी का पानी मंडी शहर में घुसने से रातभर आसपास के लोगों में अफरातफरी मची रही। जल भराव के कारण ही पंडोह बाजार को खाली करवाना पड़ा। उधर, कुल्लू के आनी बैहना के पास कारशा नाले में बादल फटने से एनएच पूरी तरह बंद हो गया है।







