सर्दी का मौसम अपने साथ कई बीमारियों का जोखिम भी लेकर आता है। इस मौसम में बच्चों को जुकाम, खांसी और वायरल आसानी से घेर लेते हैं इसलिए उनका बचाव करना जरूरी है। बच्चों और वयस्कों में कान, नाक और गले का कोई विकार होना आम बात है। इन विकारों में एसिड रिफलक्स, एलर्जी, कान में इंफेक्शन, सुनने की क्षमता में कमी, साइनस इंफेक्शन, स्लीप एप्निया, वर्टिगो आदि शामिल हैं।
इन बीमारियों के शुरू होने का कोई एक कारण नहीं है। ये बैक्टीरिया, वायरस, वायु प्रदूषण या स्विमिंग से हो सकते हैं। इन विकारों का जोखिम सर्दी के मौसम में बढ़ जाता है क्योंकि ठंड में बैक्टीरिया और वायरस ज्यादा एक्टिव होते हैं। फ्लू और वायरल इंफेक्शन होना आम बात है और इससे कानों पर भी असर पड़ता है।
कान में इंफेक्शन के कारण : बच्चों में कान का इंफेक्शन होने का एक अन्य कारण है राइनोवायरस-बग जो कि सर्दी के मौसम में आम सर्दी-जुकाम करता है। इसमें बहती या बंद नाक, सिरदर्द, छींकने और थकान की समस्या होती है। बच्चों को एक साल के अंदर वयस्कों से ज्यादा जुकाम होता है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। चिकित्सकों की मानें तो नवंबर से फरवरी के बीच कान में इंफेक्शन के मामले बढ़ जाते हैं और ये बच्चों में बहुत आम हैं। इस दौरान ऊपरी श्वसन तंत्र में बैक्टीरिया के होने से यह इंफेक्शन होता है जो कि कान के मध्य भाग तक पहुंच जाता है। सर्दियों के ठंडा मौसम की वजह से ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है जिससे दर्द और लक्षण बढ़ जाते हैं।
एडेनॉइड और टॉन्सिल बढ़ने से बार-बार कान में इंफेक्शन और स्लीप एप्निया होता है। सही उपचार से इनका इलाज किया जा सकता है लेकिन अगर इंफेक्शन बार-बार हो रहा है तो यह किसी अंतर्निहित बीमारी का संकेत है जिसका जल्द से जल्द टेस्ट करवाना आवश्यक है। इंफेक्शन की स्थिति के आधार पर ही एंटीबायोटिक, एंटी-एलर्जिक दवाएं और दर्द निवारक दवाओं से इलाज किया जा सकता है।
बरतें सावधानी
- बच्चों के कान सर्दी के मौसम में साफ और सूखे रखें। अगर कान में पानी चला गया है तो भी बच्चे को दर्द हो सकता है। इस मौसम में बच्चे के कानों को टोपी से ढक कर रखें।
- कभी-कभी बैक्टीरिया और वायरस हाथों से भी फैल जाता है इसलिए कीटाणुओं को दूर रखने के लिए बच्चों को साबुन और पानी से हाथ धोने की आदत डालें। बच्चों के आसपास सिगरेट ना पिएं क्योंकि इससे बच्चों के श्वसन मार्ग में सूजन हो सकती है।
- अगर आपके बच्चे को ठंड के मौसम में कान में दर्द हो रहा है तो इसे इग्नोर ना करें। बच्चे को ENT डॉक्टर को दिखाएं और ठंड में उसके कानों को ढक कर रखने की कोशिश करें।







