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स्वास्थ्य

नाखूनों के रंग व उसमें आने वाले बदलाव पर ध्यान देना ज़रूरी, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के हो सकते हैं संकेत

नाखून आपके हाथों की खूबसूरती बढ़ाते हैं, लेकिन नाखून खराब होने लगे, टूटने लगे, काले पड़ जाएं, पीले हो जाएं या फिर नाखूनों पर लाइन बनकर दरार जैसी पड़ने लगे तो लगे तो ये सामान्य बात नहीं है। ऐसे नाखून दिखने में तो खराब लगते ही हैं साथ ही ये शरीर में पोषक तत्वों की कमी को भी दिखाते हैं। नाखूनों पर रेखाओं का उभरना कई कारणों की वजह से हो सकता है। जिसमें उम्र बढ़ना, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने या फिर शरीर में किसी खास पोषक तत्व की कमी होना शामिल हो सकता है।

नाखूनों के रंग और उसमें आने वाले बदलावों पर ध्यान देना ज़रूरी है। नाखूनों पर धब्बों का आना या चकते पड़ना या कुछ और होना किसी आने वाली बीमारी की चेतावनी हो सकता है। जब भी ऐसा हो तो किसी चर्म रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है ताकि ख़ून की जांच और अन्य तरीकों से डॉक्टर अपने मरीज़ की स्थिति समझ सके।

बता दें कि नाखूनों पर लंबी और सफेद रेखाओं का आना उम्र बढ़ने का भी लक्षण है। बढ़ती उम्र में शरीर में पोषण की कमी होने लगती है जिससे ऐसी स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। अगर लकीरे आधी तरफ है तो यह उम्र बढ़ने के कारण हो सकता है। इसे खतरनाक नहीं माना जाता है, लेकिन लाइन बहुत गहरी हैं और नाखून टूट रहे हैं, काले पड़ रहे हैं तो ये स्वास्थ्य से संबंधित संकेत हो सकते हैं।

0 नाखूनों पर रेखाएं बनना किस बात का संकेत है?

वर्टिकल यानि सीधी लाइन- अगर आपके नाखूनों में सीधी-सीधी लाइन आने लगी हैं जो हल्की हैं तो ये रेखाएं उम्र बढ़ने के साथ आम होती हैं। इन्हें खतरनाक नहीं माना जाता है। लेकिन अगर लकीरें काफी गहरी हैं और उसके साथ ही नाखून टूट रहे हैं तो यह स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। कई बार एक्जिमा, बहुत ड्राई स्किन, हाइपोथायरायडिज्म जैसी समस्याओं के कारण नाखून मोटे या पतले होकर टूटने लगते हैं। इससे नाखून आसानी से उखड़ सकते हैं। लाइकेन प्लेनस एक ऑटोइम्यून बीमारी जिसमें नाखूनों पर लकीरें पैदा हो सकती हैं। इन्हें ब्यू लाइन्स भी कहते हैं जो तनाव या किसी बीमारी के कारण भी बढ़ सकती हैं।

सफेद लाइन आना- इसे मेडिकल भाषा में ल्यूकोनीचिया स्ट्रिएटा कहते हैं। ये रेखाएं माइक्रोट्रामा, ऑनिकोमाइकोसिस या वंशानुगत बीमारियों की वजह से पैदा हो सकती हैं। अगर लाइन बढ़ रही हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।

काली या भूरी लाइन पड़ना- कुछ लोगों के नाखूनों पर काली या भूरे रंग की लाइन पड़ने लगती है। इन्हें मेलानोनीचिया के रूप में जाना जाता है। नाखून पर दिखने वाली ये लाइन किसी आघात, संक्रमण, दवा के कारण भी पैदा हो सकती है।

काली लाइन आना- नाखूनों पर काली लाइन आना शरीर में विटामिन सी, जिंक और अन्य पोषक तत्वों की कमी की ओर इशारा है। इसके लिए पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें। हां अगर नाखून की रेखाओं से खून निकल रहा है या दर्द हो रहा है तो डॉक्टर को दिखाएं। नाखूनों पर काली रेखाएँ कई चीज़ों के कारण हो सकती हैं, जिनमें संक्रमण, चोट, स्वास्थ्य संबंधी स्थितियाँ और दवाएँ शामिल हैं।

सफेद रेखाएं या बैंड- इसे मीस लाइन्स कहा जाता है। अगर आपने नाखूनों पर ऐसी लाइन या हल्का बैंड हो रहा है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये स्वास्थ्य स्थिति आर्सेनिक विषाक्तता या किडनी फेलियर का भी लक्षण हो सकता है। डॉक्टर से संपर्क करें।

 

डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। Today Studio लेख की पुष्टि नहीं करता है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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