स्किन पर खुजली होने पर आपको काफी ज्यादा असहजता महसूस हो सकती है। यह परेशानी कई कारणों से हो सकती है, जिसमें फंगल इन्फेक्शन भी शामिल है। शरीर में खुजली होना सामान्य बात नहीं है। कई बार लिवर में खराबी आने या फिर शरीर में किसी खास पोषक तत्व की कमी होने से भी ऐसा होता है। जान लें किस विटामिन की कमी से खुजली होती है?
शरीर में हमेशा खुजली बनी रहना न सिर्फ इंसान को परेशान करती है बल्कि ये किसी बीमारी का भी संकेत देती है। अगर शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो रही है तो भी खुजली होने की समस्या बढ़ सकती है। कई बार खुजली का कारण पित्ती, दाद या खाज की समस्या भी हो सकती है। इसके अलावा खाने में किसी चीज से एलर्जी भी खुजली का कारण हो सकता है। कई बीमारियों के लक्षण भी त्वचा पर ही नजर आते हैं। जानिए किस विटामिन की कमी से शरीर में खुजली होती है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो शरीर में खाज खुजली होने के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें से एक शरीर में होने वाली विटामिन की कमी भी है।
विटामिन A- विटामिन ए की कमी से खुजली की शिकायत हो सकती है। विटामिन A कम होने पर स्किन ड्राई होती है और खुजली होने लगती है। सर्दियों में परेशानी और भी बढ़ जाती है।
आप अपने आहार में विटामिन ए से भरपूर आहार को जोड़ सकते हैं, जिसमें अंडे की जर्दी, नारंगी, गाजर, लिवर, टमाटर, कद्दू, पपीता और शकरकंद जैसे आहार शामिल है। इससे काफी हद तक विटामिन ए की पूर्ति की जा सकती है।
विटामिन बी12- शरीर में खुजली की समस्या विटामिन बी12 की कमी होने पर भी हो सकती है। इससे स्किन पर रैशेज और खुजली हो सकती है। विटामिन बी12 की कमी से हाथ-पैरों में खुजली हो सकती है। विटामिन बी3 की कमी होने पर भी शरीर में खुजली होने लगती है। विटामिन बी3 यानि ‘नियासिन’ की कमी से रैशेज और घाव भी हो जाते हैं।
शरीर में विटामिन बी12 की कमी की पूर्ति के लिए आप अपने आहार में मीट, मछली, दूध, दही, चिकन, अंडे के साथ-साथ कुछ हरी सब्जियां और फल जैसे- ब्रोकली, केला, संतरा, ब्लूबेरी, इत्यादि को शामिल कर सकते हैं।
कैल्शियम- हाथ पैरों में झुनझुनी और त्वचा में खुजली की समस्या लो कैल्शियम के कारण भी हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तंत्रिका तंत्र आसानी से उत्तेजित हो जाता है। मुंह या उंगलियों के आसपास झुनझुनी होना किसी गंभीर कमी का संकेत है। त्वचा में खुजली हो रही है तो एक बार कैल्शियम की जांच भी करवा लें और सप्लीमेंट्स के बारे में मार्गदर्शन के लिए किसी स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से सलाह लें। ज़्यादा कैल्शियम हानिकारक हो सकता है, इसलिए उचित मात्रा ज़रूरी है।
इसके अलावा, कैल्शियम से भरपूर पौष्टिक आहार लेना भी ज़रूरी है। मछली, झींगा, दूध और डेयरी उत्पादों जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ाने से शरीर को इस महत्वपूर्ण खनिज की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
विटामिन ई और विटामिन सी- वहीं विटामिन ई और विटामिन सी लो होने पर भी शरीर में खुजली जैसे लक्षण उभरकर सामने आ सकते हैं। विटामिन ई में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो त्वचा की सूजन, रैशेज को कम करने में मदद कर सकते हैं। विटामिन ई खासतौर पर यूवी एक्सपोजर के बाद स्किन को ठीक करने में मदद करता है।
विटामिन E के अच्छे स्रोत हैं वनस्पति तेल, मेवे, बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां और व्हीट जर्म। वहीं खट्टे फलों में संतरे में विटामिन सी की मात्रा सबसे ज़्यादा होती है, लेकिन आंवला, अंगूर, नींबू और लाइम भी आपकी रोज़ाना की ज़रूरतें पूरी कर सकते हैं।







