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छत्तीसगढ़

जेल की सलाखों के पीछे गूंजी किलकारीः गबन की आरोपी महिला प्रधान आरक्षक ने दिया बेटे को जन्म

दुर्ग। दुर्ग पुलिस के मालखाने से सोने के जेवरात गबन करने के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध महिला प्रधान आरक्षक मोनिका ने प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। यह मामला इस समय जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जहाँ एक ओर कानून की सख्ती है तो दूसरी ओर मातृत्व की मानवीय संवेदनाएं।

गर्भावस्था के अंतिम चरण में हुई थी गिरफ्तारी

विदित हो कि आरोपी महिला प्रधान आरक्षक पर पुलिस मालखाने में रखे जब्ती के सोने के गहनों में हेराफेरी और गबन के गंभीर आरोप हैं। पुलिस जांच के बाद जब मोनिका को गिरफ्तार किया गया, तब वह 9 माह की गर्भवती थी। अदालत के निर्देशानुसार, जेल प्रशासन को उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ प्रसव

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर जेल प्रशासन ने तत्काल मोनिका को दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के विशेष वार्ड में महिला पुलिस बल की कड़ी निगरानी के बीच चिकित्सकों की देखरेख में प्रसव प्रक्रिया संपन्न हुई। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

चूंकि मामला हाई-प्रोफाइल गबन से जुड़ा है और आरोपी न्यायिक हिरासत में है, इसलिए अस्पताल के वार्ड को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ ही बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

“जेल मैनुअल के तहत मानवीय आधार पर महिला कैदी को प्रसव हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए चिकित्सकीय टीम की देखरेख में प्रसव सफल रहा। फिलहाल मां और शिशु दोनों की निगरानी जेल वार्ड में की जा रही है।
– जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल दुर्ग

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